राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों को पहली बार इस तरह के निर्देश मिले होंगे, पहले तो कभी नहीं हुआ ऐसा!

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज अब से कुछ देर बाद युवा आक्रोश रैली के नाम से सभा होने जा रही है। शहर में अल्बर्ट होल के सामने हो रही इस रैली के लिए कांग्रेस ने अपनी जान झौंक रखी है।

इस बीच भाजपा, एबीवीपी समेत कई संगठनों ने इन रैली के द्वारा शहर में अराजकता फैलाने का दावा किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस रैली के खिलाफ जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रही है।

दूसरी तरफ से भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस और राहुल गांधी से उनके द्वारा किये गए वादों के मुताबिक तीन सवाल किए हैं।

उन्होंने प्रचारिणी की किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने और महिलाओं पर अत्याचार बंद करने के दावों का क्या हुआ?

बताया जा रहा है कि कांग्रेस की सत्तारूढ़ सरकार इस रैली में 20000 से ज्यादा लोगों को शामिल करने का दावा कर रही है। इसके लिए प्राइवेट कॉलेजों, स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को भीड़ जुटाने के लिए टारगेट दिया गया है।

प्राइवेट कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और सही अन्य सरकारी शिक्षकों को मिले टारगेट की लिखित आर्डर की कॉपियां सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

इसका विरोध करने वाले शिक्षकों का कहना है कि ऐसा राजस्थान में पहली बार हो रहा है कि किसी बाहरी नेता की रैली के लिए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को टारगेट देकर रैली में भीड़ बुलाने के लिए कहा गया है।

इस रैली के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय कर्मचारी एवं टीचर्स एसोसिएशन (RUKTA) के द्वारा भी भीड़ एकत्रित करने के लिए लिखित में आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश बीड़ी कल्ला और भंवर सिंह भाटी के द्वारा किए गए बताए जा रहे हैं।

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