CAA के बाद कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, वामपंथी वकील इंद्रा जयसिंह और मुस्लिम संगठन PFI ने 120 करोड़ देकर भड़काए थे दंगे

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नागरिकता संशोधन कानून के बाद देशभर में हुए दंगे, आगजनी, धरने और प्रदर्शन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़ा खुलासा किया है।

इस बात पर बयान जारी करते हुए भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस, वामपंथ और सीएए के खिलाफ धरना दे रहे लोगों पर बयान जारी किया है।

प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेसी वकील कपिल सिब्बल, वामपंथी वकील इंदिरा जयसिंह और मुस्लिम संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) में 120 करोड़ मुहैया करवाकर देश में दंगे करवाए थे, आगजनी करवाई थी और धरने प्रदर्शन करवाए थे।

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सतीश पूनिया ने कहा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के 73 बैंक अकाउंट से 120 करोड़ पर जमा हुए और जिन शहरों में दंगे हुए, आगजनी हुई, वहां पर लोगों को ₹2000 से लेकर ₹5000 तक मुहैया करवाए गए।

इसके साथ ही सतीश पूनिया ने कहा कि जम्मू कश्मीर के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की इकाई के द्वारा करीब डेढ़ करोड़ पर खातों में जमा करवाए गए और उनको निकाला गया। प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट में यह सब चीजें स्पष्ट तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त सबूत है।

उल्लेखनीय है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के 73 बैंक अकाउंट्स में दंगों के दौरान 120 करोड़ में जमा होने और उनको दिन में 80 से लेकर 90 बार निकाले जाने की रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय ने सौंपी है।

दिल्ली के शाहीन बाग में भी जो धरना चल रहा है, उसके पीछे भी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का हाथ होना बताया गया है। जिसे सरजील अमीन ने बीते दिनों शाहीन बाग में देशद्रोह का भाषण दिया था वह भी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़ा हुआ है।

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उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून पास होने के बाद आसाम से शुरू हुआ विवाद दिल्ली होते हुए पूरे देश में फैल गया था। इस दौरान दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दंगे हुए, आगजनी हुई बसों को जलाया गया और पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई।