राजस्थान सरकार सबकुछ भूल राहुल गांधी की रैली में जुटी, 20 हजार की भीड़ एकत्रित करना लक्ष्य

rahul gandhi in jaipur (file photo)
rahul gandhi in jaipur (file photo)

Jaipur news
राजस्थान की कांग्रेस सरकार जनता को पूरी तरह से भूल गई है। विपक्ष की तरफ से भी सरकार को नहीं जगाया जा रहा है, जैसा कि सरकार ने सदन में कहा था कि ‘एससी एसटी आरक्षण पर विपक्ष सरकार को गहरी नींद से उठाता’, तो यह नौबत नहीं आती।

सरकार राज्य की जनता के बीच जाने, उनको सुनने, समस्याओं का निराकरण करने के बजाए केवल राहुल गांधी की रैली को सफल बनाने के लिए काम कर रही है। ऐसा लग रहा है कि राज्य की सरकार केवल गांधी परिवार के लिए चुनी गई है।

मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायकों समेत सभी कांग्रेसी लोग और यहां तक की कई सरकारी अधिकारी भी इस रैली के लिए अपनी जान झौंकने में लगे हुए हैं। इससे प्रतीत होता है कि जनता ने सरकार का चुनाव राज्य के लिए नहीं, बल्कि गांधी परिवार के लिए काम करने हेतु किया है।

बता दें कि 28 जनवरी को, यानी मंगलवार को राहुल गांधी की जयपुर के अल्बर्ट हॉल के सामने रैली है। इस रैली के लिए सरकार 6 दिन से जुटी हुई है। सरकार ने यहां पर सभी सुविधाएं जुटाने के लिए जी जान लगा रखी है। पूरा सरकारी लवाजमा यहां पर रैली की तैयारियों में जुटा हुआ है।

दूसरी तरफ मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेस पदाधिकारियों को टारगेट दिया गया है। इस रैली में सरकार 20 हजार की भीड़ जुटाने के लक्ष्य से काम कर रही है। राहुल यहां पर सीएए के विरोध में रैली करेंगे। बताया जा रहा है कि इस रैली में अधिकांश लोग मुस्लिम समुदाय से शिरकत करने के लिए तैयार किए जा रहे हैं, क्योंकि सीएए के विरोध में एकत्रित किए जाने के लिए अभी यही समुदाय सबसे सॉफ्ट टारगेट है।

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बीते दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चांदना ने तैयारियों की रैली में 20 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था। बता दें कि अल्बर्ट हॉल के बाहर इससे अधिक लोग किसी भी स्थिति में रह भी नहीं सकते। ऐसे में सरकार ने जानबूझकर ऐसी जगह में रैली रखी है, ताकि अधिक भीड़ दिखाकर अपने नेता को खुश किया जा सके।

यहां पर अल्बर्ट हॉल की रोड को आज ​ही बंद कर दिया जाएगा। उसके बाद कल इस सड़क पर आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। सरकारी लवाजमा इस कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए जुटा हुआ है।

इधर, राज्य में शहीद हुए युवक को याद करने की सरकार के पास समय नहीं है। टिड्डी दल से बर्बाद हुए किसानों को अभी तक मुवावजे का कोई इंतजाम नहीं है। जगह जगह दुर्घटनाएं हो रही है, उनकी तरफ कोई नहीं देख रहा है, जबकि विधानसभा का सत्र भी अब 10 फरवरी से शुरु होगा, उसके पहले स्थगित कर दिया गया है।