गहलोत सरकार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करना ही होगा: डाॅ. सतीश पूनियां

-आनन-फानन में विधानसभा सत्र बुलाया जाना सरकार की नियत और निष्ठा पर सवाल खड़े करता है, गहलोत सरकार दलित विरोधी: डाॅ. पूनियां

जयपुर, 24 जनवरी।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने आज शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार का दलित विरोधी चेहरा सामने आया गया।

केन्द्र सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण को 1.5 माह पूर्व लोकसभा व राज्यसभा में पारित कर 10 वर्षों के लिये आगे बढ़ाया है। इस विधेयक को 18 राज्यों ने लागू कर दिया है।

यह विधेयक 25 जनवरी से पहले ही लागू हो जाना चाहिये था, किन्तु कुम्भकरण की निंद से भी अधिक सोई प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस विधेयक पर गंभीर नहीं दिखी और एस.सी./एस.टी. विधेयक प्रदेश में अभी तक पारित नहीं हुआ।

प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार आई, तब से दलितों पर अत्याचारों का ग्राफ दिन प्रति दिन बढ़ता गया और आज देश में मध्यप्रदेश के बाद राजस्थान दलितों पर अत्याचार पर दूसरे नम्बर पर है, अपनी इसी गलती को ढ़कने के लिये आनन-फानन में विधानसभा सत्र बुलाया जाना और बजट सत्र में विधायकों को प्रश्नों की तैयारी के लिये समय नहीं देना गलत है।

आमतौर पर 21 दिन के नोटिस के बाद बजट सत्र को बुलाया जाता है, इस तरीके से जल्दबाजी में सत्र को बुलाया जाना सरकार की नियत और निष्ठा पर सवाल खड़े करता है। आज इस सरकार का अलोकतांत्रिक चेहरा उजागर हो चुका है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि पंचायत चुनावों का समय पर ना होना, सरकार की अकर्मण्यता को दर्शाता है। यह सरकार शासन करने में पूर्ण रूप से विफल हो गई है।

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पश्चिमी राजस्थान में टिड्डी दल के हमले से किसान बदहाल एवं पूर्वी राजस्थान के किसान की फसल पाले की चपेट से चैपट हो गई है, किन्तु गहलोत सरकार किसानों के प्रति मौन धारण किये हुये है, इस त्रासदी पर इनका बिल्कुल ध्यान नहीं है।

प्रदेश की कांग्रेस सरकार 13 महीनों में ही घुटने टेक चुकी है। इन्होंने मान लिया है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को हम नहीं संभाल सकते। किसानों की उन्नति के लिये हम कुछ नहीं कर सकते।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्ताव लाया जा रहा है। इस प्रस्ताव के विरोध में राजस्थान में बसे शरणार्थी व विस्थापित समाज के लोगों द्वारा आज शुक्रवार को जयपुर में 22 गोदाम पर विशाल धरना-प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुये भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार नागरिकता संशोधन विधेयक का कितना ही विरोध कर ले, किन्तु उसे लागू करना ही पड़ेगा।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि हम सभी यहां एकृत्रित होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त करने आये है।

भाजपा सरकार की बदौलत ही उत्पीड़ित और प्रताड़ित लोग जिनका जीवन मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में नहीं आता, लेकिन उनके दुख और दर्द को समझकर मोदी सरकार ने इतना बड़ा फैसला लिया और तमाम विस्थापित भाईयों को उनको अपनी सरजमीं पर इज्जत के साथ रहने का हक दिया।

आज इस धरने पर उपस्थित विशाल संख्या से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्थान में नागरिकता संशोधन विधेयक सरकार को लागू करना ही पड़ेगा।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांगे्रस ने देश में भ्रम फैलाते हुये वोट बैंक की राजनीति की और एक कौम को ही खुश करने में लगी रहीं, उसका भी भला कांग्रेस आज तक नहीं कर पाई और ना ही देश का भला कर पाई।

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क्योंकि कांग्रेस हमेशा से ही देशहित को दूर रखकर सिर्फ तुष्टीकरण की नीति पर चलकर सत्ता प्राप्त करने में लगी हुई है। गहलोत अब विधानसभा में विधेयक के विरोध में कानून पारित करने की कोशिश कर रहे है, जो कि असंवैधानिक है।

कोई अनभिज्ञ भी जो कि इस देश को मानता है, यहां के रीति-नीति को मानता, संविधान को मानता है वह भी बता देगा लोकसभा एवं राज्यसभा में पारित कानून को कोई भी राज्य नकार नहीं सकता, उसे कानून लागू करना ही पड़ेगा।

नागरिकता देना केन्द्र सरकार का अधिकार है। डाॅ. पूनियां ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नागरिकता संशोधन विधेयक पारित कर हजारों विस्थापितों जो भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में उत्पीड़ित और प्रताड़ित थे, उनके दर्द को दूर किया।

लेकिन कांग्रेस शुतुरमुर्ग की तरह जमीन में गर्दन डालकर अनभिज्ञ बन रही है।
डाॅ. पूनियां ने कहा कि आज मुख्यमंत्री गहलोत ने सदन इसलिये बुलाया कि 28 तारीख को राहुल गांधी को रिपोर्ट कर सकें कि कांग्रेस सरकार ने सदन में सीएए का विरोध किया है।

प्रदेश की कांग्रेस सरकार सत्ता के दंभ में है, इसलिये ये पीड़ित माताओं और बहनों के आंसुओं को नहीं पौंछ पा रहे है।
डाॅ. पूनियां ने कहा कि कश्मीर में 370 को खत्म करके सही मायनों में दो झंडों से, दो विधान से और दो प्रधान से मोदी सरकार ने मुक्ति दिलाई।

कांग्रेस वर्षों तक उनके वोट तो लेती रही, लेकिन भला आज तक नहीं कर पायी और मोदी सरकार ने उन माताओं और बहनों के आंसू पौंछे, जो तलाक-तलाक जैसे तीन बार कहे जाने वाले शब्दों से पीड़ित थी।

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बड़े भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है परिवहन विभाग: डाॅ. अरूण चतुर्वेदी

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डाॅ. अरूण चतुर्वेदी ने काॅमर्शियल वाहन महासंघ के आह्नान पर हुई चक्का जाम हड़ताल के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार और परिवहन मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सरकार के गैर-जिम्मेदाराना रवैए के कारण इनको हड़ताल पर जाना पड़ रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

डाॅ. चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार ने आरटीओ कार्यालय में वाहन फिटनेस सेन्टर को बंद कर दिया और इसे निजी एजेंसियों को सौंप दिया। कांग्रेस सरकार आने से पहले तो निजीकरण का विरोध करती थी ओर अब वाहन मालिकों को परेशान करने के लिए फिटनेस सेन्टर को निजी हाथों में सौंप रही है। इसमें बड़े भ्रष्टाचार की बू आ रही है। पिछले एक वर्ष में परिवहन विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।

डाॅ. चतुर्वेदी ने कहा कि परिवहन मंत्री ऐसे तो बड़ी-बड़ी बातें करते है, लेकिन प्रदेश के जनजीवन को प्रभावित करने वाले इतने बड़े मामले को सम्भालने के लिए उनके पास समय नहीं है या उनकी भी इसमें मिलीभगत है।

टैक्सियों और बसों की हड़ताल से लोगों को यातायात में समस्या होती है, लोगों की परेशानी को देखते हुए इसमें मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए और इस बात की जाँच होनी चाहिए कि किसकी मिलीभगत से फिटनेस सेन्टर को निजी हाथों में देने का निर्णय हुआ है।