किसानों का ज़मीन समाधि सत्याग्रह जारी, भूमि में गढ़े हैं 101 किसान

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दिल्ली मुंबई कॉरिडोर के बीच आने वाले किसानों को बाजार दर पर मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर बीते 2 दिन से किसान जमीन समाधि लेकर बैठे हुए हैं।

राजगढ़ के राजावतान उपखंड के लाडली का बास गांव में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे के अंतर्गत आने वाली जमीन किसान देने को तैयार नहीं है।

उनके समर्थन में भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी जमीन समाधि लेकर बैठे हैं।

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किसानों की ज़मीन समाधि में शामिल किसानों के बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। सरकार से अभी कोई आश्वासन नहीं दिया है।

बीते 2 दिन से लाडली का बास गांव में 101 किसान जमीन खोदकर उसमें बैठे हुए हैं।

डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने दिसंबर में संसद सत्र के दौरान मांग उठाई थी कि यहां के किसानों को बाजार भाव पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिया जाना चाहिए, जबकि केंद्र सरकार 2013 और 2015 के भूमि अधिग्रहण कानून के मुताबिक मुआवजा देने पर अड़ी हुई है।

इसी के विरोध में किसान जिनमें महिला किसान भी शामिल हैं, उन्होंने हाईवे की जमीन में मुआवजे की बाजार दर पर मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

किरोडी लाल मीणा का कहना है कि उनको उम्मीद है कि सरकार किसानों की मांग को जल्दी से जल्दी पूरा करेगी।

जमीन हमारी सत्याग्रह आंदोलन के दौरान शुक्रवार को एक महिला सहित दो किसानों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें मौके पर ही पुलिस कर्मी तुरंत अस्पताल लेकर चले गए।

डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा लगातार दूसरी रात यहीं पर जमीन हमारी लेकर गड्ढा खोदकर उसी में बिस्तर लगा कर सो रहे हैं और वहीं पर खाना खा रहे हैं।

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