राजस्थान विधानसभा (Assembly of Rajasthan) का सत्र शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है। उससे पहले गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में भाजपा (BJP) विधायकों के विधायक दल की बैठक हुई।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने बताया कि जिस तरह से शॉर्ट नोटिस देकर इस बार विधानसभा का सत्र बुलाया गया है, ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ है।

कटारिया ने कहा कि विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए कम से कम 21 दिन का नोटिस दिया जाता है ताकि विधायक प्रश्नों की तैयारी कैसे करें और प्रसन्न लगा सकें।

इसके साथ ही सरकार इस बार ने तो राज्यपाल का अभिभाषण तैयार कर पाई है और न ही किसी तरह की अन्य तैयारियां हुई है, इसलिए इस बार का विधानसभा सत्र पूरा देश देखेगा।

इसके साथ ही गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि राज्यपाल का अभिभाषण भी नहीं पढ़ा जाएगा, बल्कि उसकी कॉपी लेकर विधायक अपने-अपने घर चले जाएंगे, ऐसा पहली बार हो रहा है।

कटारिया ने राज्य सरकार के द्वारा विधानसभा की परंपराओं और नियमों का उल्लंघन करने की दुहाई देते हुए कहा कि इस तरह से सदन की कार्यवाही पहली बार आहूत की जा रही है, जिनका भगवान मालिक है कि उनको ऐसे सुझाव देने वाले कौन हैं।

इस अवसर पर कटारिया ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पहले से ही देश की संसद कानून बना चुकी है और किस को नागरिकता देने और किसको नहीं देनी है, यह फैसला करना केंद्र सरकार के हाथ में होता है, राज्य सरकारों द्वारा कुछ भी नहीं होता है, उसके बावजूद भी राज्य सरकार जबरदस्ती प्रस्ताव पारित करना चाहती है।

इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एससी एसटी आरक्षण को लेकर दिसंबर में ही केंद्र सरकार अवधि को 10 साल के लिए बढ़ा चुकी है।

लेकिन इसको देश के आधे राज्य विधानसभा द्वारा प्रस्ताव पारित कर भेजना था, जिसको भी राज्य सरकार नहीं कर पाई और इसकी अवधि 25 जनवरी को खत्म हो रही है।

उन्होंने कहा कि वैसे तो एससी एसटी आरक्षण को लेकर कांग्रेस (Congress) समेत तमाम दल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करते रहते हैं, लेकिन खुद ही इस मामले में सचेत नहीं है और अब आनन-फानन में ऐसे कार्य किए जा रहे हैं, जो संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ है।

स्पष्ट तौर पर लालचंद कटारिया ने कहा कि इस बार विधानसभा के सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है। सरकार के इन तमाम गैर परंपरागत कार्यों का विरोध किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा के सत्र का मजाक बना दिया है। एक सवाल के जवाब में गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि राज्यपाल किसी भी दल से आने वाला हो, लेकिन वह राज्यपाल की कुर्सी पर होता है। इसलिए राज्यपाल अपना काम करते हैं और विपक्ष के नाते BJP अपना काम करेगी।