Big Breaking: गहलोत सरकार हजारों कर्मचारियों से वसूलेगी करोड़ों रुपये, रिकवरी के आदेश जारी

ashok gehlot rajasthan
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रामगोपाल जाट
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार अपने 70 हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों से 875 करोड़ रुपये वसूलने जा रही है। इसको लेकर राज्य सरकार ने संबंधित सभी कर्मचारियों को वसूले के नोटिस जारी कर दिए हैं। सरकार के हजारों कर्मचारियों से करोड़ों रुपए वसूलने के लिए आदेश जारी होते ही हड़कंप मच गया है।

हालांकि, इसके विरोध में पीड़ित कर्मचारी कोर्ट की शरण में चले गए हैं। कोर्ट में सुनवाई की पहली तारीख 22 जनवरी 2020, यानी बुधवार थी, लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो पाई है, सुनवाई को लेकर कोर्ट ने आगे की तारीख दी है।

इधर, राज्य सरकार ने अपने कॉन्स्टेबल, हैड कॉन्स्टेबल, एलडीसी, यूडीसी, पटवारी और गिरदावर समेत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों से वसूली के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के बाद कर्मचारियों जबरदस्त हड़कंप मचा है। कर्मियों में राज्य सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार तत्कालीन भैंरूसिंह शेखावत सरकार के द्वारा केंद्र सरकार की तर्ज पर 9, 18 और 27 साल की सर्विस के बाद वेतनमान श्रंखला शुरु की गई थी, जिसको वर्तमान सरकार ने भंग कर दिया है। इसकी जगह अब 2400ए, 2400बी, 2800ए और 2800बी नाम से नई श्रखंला शुरु की है।

जिसके मुताबिक जिन कर्मचारियों की तनख्वाह 9 साल के बाद 2400 से 2800 ग्रेड पे, 18 वर्ष पर 2800 से 3600 ग्रेड पे और 27 साल की सर्विस के बाद 3600 से 4200 ग्रेड पे के अनुसार वेतन वृद्धि हुई है, उनकी वापस रिकावरी की जाएगी।

इस रिकवरी में पुलिस कॉन्स्टेबल, हैड कॉन्स्टेबल, एलडीसी, यूडीसी, पटवारी, गिरदावर और चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारी शामिल हैं। इन वर्गों में जिन कर्मचारियों का प्रमोशन नहीं हुआ है, फिर भी 9, 18 व 27 साल की सर्विस के कारण वेतनमान बढ़ाकर 2400 की जगह 2800, 2800 की जगह 3600 और 3600 की जगह 4200 किया गया है, उनसे सारी वापस वसूली की जाएगी।

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जानकारी में आया है कि इस तरह टाइम बाउंड ग्रेड पे बढ़ाने की वजह से वसूली के दायरे में प्रदेश के 70 हजार से अधिक कर्मचारी शामिल हैं, जिनसे करीब 875 करोड़ रुपए की रिकवर की जाएगी। जिन कार्मिकों का ग्रेड पे बढ़ गया है, लेकिन उनको प्रमोशन भी मिल गया है, ऐसे कर्मचारियों को इस वसूली से बाहर रखा गया है। जिनका बिना प्रमोशन, सर्विस टाइम के अनुसार टाइम बाउंड ग्रेड पे बढ़ गया है, उनको बढ़ी हुई तनख्वाह के मिले लाखों रुपए वापस लौटाने होंगे। पूरे प्रदेश में यह रुपया करीब 875 करोड़ रुपए बैठता है।

बता दें कि यह वेतन श्रंखला पूर्व मुख्यमंत्री भैंरूसिंह शेखावत सरकार के द्वारा केंद्र सरकार के 10, 20 और 30 साल के टाइम बाउंड ग्रेड पे बढ़ोतरी के अनुसार राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए शुरु की गई थी, ताकि प्रमोशन नहीं हो तो भी समय पर वेतनवृद्धि होती रहे।

किंतु, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्वारा अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में इस समयबद्ध वेतनवृद्धि वाले ग्रेड पे के नियम को खत्म कर दिया गया था। अपनी सरकार का आखिरी साल होने के कारण वसुंधरा राजे सरकार ने बाद में इसको ठंड़े बस्ते में डाल दिया था, लेकिन अशोक गहलोत की वर्ममान सरकार ने इसे लागू कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक जयपुर पुलिस कमिशनरेट समेत पूरे प्रदेशभर में इसके खिलाफ सरकारी कर्मचारियों ने बिगुल फूंक दिया है। इस वसूली के खिलाफ 13 जनवरी को 667 पुलिसकर्मियों ने एकसाथ कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई 22 जनवरी को होनी थी, लेकिन यह सुनवाई आगे की तारीख पर टाल दी गई है।

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अगर राज्य सरकार अपने इस अहम फैसले पर कायम रहती है, तो प्रदेश के 70 हजार से अधिक कर्मचारियों को करीब 875 करोड़ रुपए सरकार को चुकाने होंगे, जो इतिहास में पहली घटना होगी। हालांकि, बताया जा रहा है कि यदि कर्मचारी यह पैसा चुकाएंगे नहीं तो उनकी तनख्वाह में से कटौती कर भरपाई की जाएगी।