CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित होगा और एससी-एसटी आरक्षण की अवधि बढ़ाई जाएगी

-विधानसभा का सत्र 24 जनवरी से, भाजपा विधायक दल की 23 जनवरी को होगी बैठक, भाजपा मुख्यालय में 3 बजे होगी बैठक, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में होगी, सत्र की रणनीति पर होगा मंथन।

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15वीं विधानसभा का चौथा सत्र 24 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सदन के अंदर विपक्ष की ओर से राज्य सरकार को कड़ी चुनौती देने के लिए भाजपा विधायक दल की बैठक 23 जनवरी को भाजपा मुख्यालय में 3 बजे होने जा रही है।

इस बैठक में RLP के विधायकों को भी बुलाया गया है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति पर मंथन होगा।

असल में राज्य सरकार की ओर से यह सत्र शॉर्ट नोटिस पर बुलाया गया है। लिहाजा इसमें संविधान के 126वें संशोधन का अनुसमर्थन तो किया जाएगा। राज्य सरकार नागरिक संशोधन कानून के विरोध में प्रस्ताव पारित करवाने में है। भाजपा इस प्रस्ताव को सदन के अंदर रोकने के लिए रणनीति बनवाएंगी।

CAA पर भाजपा विधायक-सरकार होगी आमने सामने।

नागरिक संशोधन कानून के पक्ष में भाजपा एक और देश भर में जन जागरण अभियान चला रही है। वहीं, कांग्रेस शासित राज्यों में कांग्रेस CAA का विरोध कर रही है।

इसी कड़ी में पंजाब के बाद राजस्थान में भी CAA के खिलाफ विधानसभा के अंदर प्रस्ताव पारित करवाने की तैयारियां चल रही है। लिहाजा भाजपा CAA के समर्थन में सदन में पुरजोर कोशिश करेगी।

राज्य सरकार इसका विरोध करेगी जिसमें टकराव की स्थिति बन सकती है। भाजपा सदन के अंदर यह बात भी उठा सकती है कि संविधान के पालना राज्य सरकार की ओर से नहीं हो रही है, क्योंकि नागरिक संशोधन कानून केंद्र का विषय है और केंद्र ने इसे पारित कर दिया है।

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लिहाजा राज्यों को भी इसे मानना होगा।सदन में बहुमत की बात की जाए तो राज्य सरकार के पास पर्याप्त संख्या में CAA का विरोध करने के लिए सदस्य हैं, लेकिन भाजपा के पास भी अपने विधायकों के साथ में RLP के विधायकों का साथ मिलने वाला है।

भाजपा लॉ एंड आर्डर पर घेरेंगी सरकार को

पुलिस की बिगड़ी हुई लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को लेकर भाजपा लगातार सरकार पर आक्रमण करती रही है। लिहाजा अब एक बार फिर सदन के अंदर प्रदेश की बिगड़ती लॉ एंड ऑर्डर का मामला भी सदन के अंदर उठाएगी।

भाजपा की ओर से लॉ एंड ऑर्डर को लेकर राज्य सरकार पर लगातार हमला किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया प्रदेश के कानून व्यवस्था को लेकर प्रेस कांफेंस के जरिए सरकार को पहले ही घेर चुके हैं।

चूंकि, जिसमें तमाम तरह के अपराध बढे हैं और 32 फीसदी अपराधों में बढोतरी हुई है। अब सदन में रिकॉड़ पर लाने के लिए भाजपा एकजुट होकर कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरेगी। विपक्ष सदन में किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा बागी उठेगा।

किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी का उठेगा सदन में मुद्दा

विधानसभा चुनाव 2018 के बाद से ही भाजपा लगातार सरकार पर किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी करने का मुद्दा उठाती आई है। इससे पहले हुए सत्र के दौरान भी भाजपा ने सरकार को इस मसले पर खूब घेरा था।

लिहाजा, इस सत्र के दौरान भी भाजपा की रणनीति रहेगी कि सदन में किसानों की कर्ज माफी को लेकर फिर से सरकार को घेरा जाए। इसकी वजह भी साफ है, प्रदेश में अभी पंचायत राज चुनाव भी हो रहे हैं, ऐसै में भाजपा इस मु्ददे को फिर से उठा सकती है।

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बेरोजगारी भत्ते का मुद्दा भी आ सकता है सदन में

बेरोजगारी भत्ते देने के बाद कांग्रेस ने 2018 विधानसभा चुनाव के दौरान अपने मेनिफेस्टो में की थी, लेकिन बेरोजगारी भत्ता नहीं किया गया। यही मुद्दे लोकसभा चुनाव के दौरान भी रहे थे।

भाजपा अपनी रणनीतिक तौर पर प्रदेश की आर्थिक खस्ता हालत काफी पर भी। सरकार को घेर सकती है, जिसमें प्रदेश के विकास कार्य रुकने के आरोप सदन के अंदर लगा सकती है।

इसके अलावा पंचायत पुनर्गठन सही तरीके से नहीं करने और उनके चुनाव समय पर नहीं करवाने का मामला भी सदन के अंदर गुंजने वाला है। इसके अलावा शहरी निकायों में किया गया परिसीमन का भी मुद्दा भाजपा उठा सकती है।