तो राजस्थान में खत्म हो जाएगा SC-ST आरक्षण, भाजपा ने कांग्रेस को लताड़ा

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राजस्थान में अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार ने समय पर कदम नहीं उठाया, तो 25 जनवरी के बाद राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का आरक्षण खत्म हो जाएगा।

इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गई है। पार्टी की तरफ से पूर्व सांसद जितेंद्र गोठवाल ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा है कि केंद्र की सरकार के द्वारा 10 दिसंबर को ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में अगले 10 वर्ष के लिए वृद्धि करती थी लेकिन उसके बावजूद भी राजस्थान सरकार नींद से नहीं जाएगी है और ऐसी स्थिति में यदि 25 जनवरी तक भी राजस्थान की विधानसभा से आरक्षण के लिए विधेयक पास नहीं हुआ तो राज्य से इन दोनों वर्गों को मिलने वाला आरक्षण खत्म हो जाएगा।

दरअसल, कानूनन केंद्र सरकार के द्वारा sc-st को दिए जाने वाले आरक्षण में प्रति 10 वर्ष में भर्ती की जाती है। इस बार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 10 अगस्त को ही इसमें वृद्धि कर दी थी, लेकिन राज्य सरकारों के अनुमोदन के बाद ही यह आरक्षण राज्य में लागू होता है।

किंतु अभी तक भी राजस्थान सरकार की तरफ से विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया गया है, जिसके कारण यह संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है।

अब यदि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने 25 जनवरी से पहले विधानसभा सत्र बुलाकर एससी एसटी आरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव पास करके केंद्र के पास नहीं भेजा, तो स्वता ही यह आरक्षण समाप्त हो जाएगा।

भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह साबित करना चाहती है कि वह दलित विरोधी नहीं है, तो समय पर आरक्षण का प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार के पास भेज दें।

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गौरतलब है कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने 24 जनवरी को विशेष विधानसभा सत्र बुलाया है, जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के साथ ही साथ नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भी प्रस्ताव पास करने की संभावना है।