वसुंधरा सरकार की 100 करोड़ की परियोजना को खत्म करेगी अशोक गहलोत सरकार

जयपुर में करीब 100 करोड रुपए की लागत से 2014 में तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार के द्वारा शुरू किए गए बीआरटीएस प्रोजेक्ट को अशोक गहलोत सरकार हटाने जा रही है।

गहलोत सरकार ने यातायात मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने ऐलान किया है कि सड़क दुर्घटना है जितनी अन्य जगह हो रही है, उससे कहीं अधिक बीआरटीएस प्रोजेक्ट में समस्या के कारण हो रही है। इसलिए अब समय आ गया है कि इस प्रोजेक्ट को समाप्त कर दिया जाए।

प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है कि अगली बैठक में यूडीएच मंत्री के साथ वार्ता करने के बाद इसका निस्तारण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों के कारण केंद्र सरकार भी चिंतित है और जयपुर में बीआरटीएस के कारण सैकड़ों हादसे हो चुके हैं।

प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार के द्वारा करीब 100 करोड रुपए खर्च करके यह योजना शुरू की गई थी, लेकिन योजना विफल रही और इसके कारण दुर्घटना में भर्ती हुई, जिसके कारण इसको हटाने का फैसला किया गया है।

उल्लेखनीय है कि वसुंधरा राजे सरकार के द्वारा 2014 में बस रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, यानी बीआरटीएस शुरू किया गया था, जिससे सार्वजनिक यातायात को बीआरटीएस में शुरू किया जा सके और सुचारू रूप से चलाया जा सके, लेकिन यह पूरी तरह से फेल हो गया।

याद दिला दें कि करीब 2 साल पहले ही नेशनल दुनिया ने एक एक्सक्लूसिव स्टोरी करते हुए इसे सारे सिस्टम की पोल खोली थी और बताया था कि किस तरह से बीआरटीएस में लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही है और इसको आने वाली सरकार खत्म कर देगी।

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