प्रियंका वाड्रा को राजस्थान से राज्यसभा भेजने की तैयारी, गहलोत के एक तीर से 3 शिकार

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राजस्थान में करीब 2 महीने बाद राज्यसभा की 3 सीटों पर चुनाव होने जा रहा है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर देखा जाए तो इन 3 सीटों में से 2 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीत सकते हैं, जबकि एक सीट पर एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी को अपना उम्मीदवार भेजने में सफलता मिल सकती है।

इस बीच सबसे चौंकाने वाला और बड़ा नाम प्रियंका वाड्रा का सामने आया है, जो राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के द्वारा तुरुप का पत्ता बताया जा रहा है।

पार्टी के सूत्रों का दावा है कि प्रियंका वाड्रा के नाम पर अशोक गहलोत सरकार ने मुहर लगा दी है और प्रदेश के ज्यादातर कांग्रेसी विधायक भी उनके नाम पर सहमत हैं।

ऐसी स्थिति में अशोक गहलोत एक ओर जहां आलाकमान को खुश करने के लिए प्रियंका वाड्रा को राज्यसभा भेज रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसके माध्यम से गांधी परिवार के और नजदीक जाएंगे, जिसका लाभ उनको पायलट को राजनीतिक मात देने में काम आएगा।

आपको बता दें कि विजय गोयल, नारायण पंचारिया और रामनारायण डूडी का राज्यसभा का 6 साल का कार्यकाल मार्च महीने में खत्म हो रहा है।

राज्य सभा में राजस्थान के हिस्से की 10 सीटें होती हैं। 23 जून 2019 तक राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था, लेकिन 24 जून को भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन लाल सैनी का निधन होने के बाद यह सीट खाली हो गई थी।

बीते साल अगस्त में इस सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निर्वाचन किया गया था।

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कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि प्रियंका वाड्रा को राज्यसभा भेजने या नहीं भेजने का अंतिम फैसला कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी, लेकिन फिलहाल राजस्थान की सरकार और अशोक गहलोत ने अहम फैसला कर लिया है।

बता दें कि प्रियंका वाड्रा को अगर राजस्थान की सरकार राज्यसभा भेज दिया, तो संगठन पर एक बार फिर से अशोक गहलोत की पकड़ मजबूत होती हुई दिखाई देने लगेगी।

क्योंकि प्रियंका वाड्रा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव है और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसके चलते गांधी परिवार के नजदीक चले जाएंगे।

जिन 2 सीटों पर चुनाव के जरिए कांग्रेस राज्यसभा में अपने 3 सदस्य करना चाहती है, उनमें से एक सीट प्रियंका वाड्रा और दूसरी सीट मुकुल वासनिक को दी जा सकती है।

हालांकि चर्चा यह भी है कि एक सीट पर किसी अल्पसंख्यक, यानी मुस्लिम समुदाय से आने वाले कांग्रेसी नेता को जगह मिल सकती है।

अब तक संसद की बात की जाए तो राजस्थान से कांग्रेस के केवल पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ही सांसद हैं सभी 25 लोकसभा सीटों पर बीजेपी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कब्जा है।

अब यदि 2 सीटें कांग्रेस जीतती है तो राज्यसभा में 3 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा होगा। आपको बता दें कि राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के पास 101 विधायक हैं।

जबकि, छह विधायक बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। इस तरह से कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं। दूसरी तरफ बीजेपी के पास 72 विधायक हैं।

इसके साथ ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पास 3 विधायक हैं। दो विधायक माकपा के पास और दो विधायक बीटीपी के पास हैं। एक विधायक राष्ट्रीय लोक दल का और 12 विधायक निर्दलीय हैं।

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बताया जा रहा है कि अधिक कहां से निर्दलीय विधायक और माकपा और बीटीपी की विधायक कांग्रेस का साथ दे सकते हैं।

इस तरह से 2 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा हो जाएगा और एक सीट पर बीजेपी का उम्मीदवार जीतने में कामयाब होगा।