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-राजसमंद के मृतक व्यक्ति ने चार लोगों को जीवनदान दिया है।

राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल (Government Hospital) में गुरुवार को पहला हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया है। पिछले 4 साल से जारी प्रयास के बाद 16 जनवरी 2020 को s.m.s. के डॉक्टरों ने हृदय प्रत्यारोपण करने में सफलता पाई है।

एसएमएस अस्पताल में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट, लीवर निम्स भेजा 1

जानकारी के मुताबिक 10 जनवरी 2020 को एक सड़क दुर्घटना में घायल होकर एसएमएस अस्पताल लाया गया था, डॉक्टरों के अनुसार घायल व्यक्ति ब्रेन डैड अवस्था में था। यहां पर गुरुवार को हार्ट के साथ ही उसकी किडनी भी ट्रांसप्लांट की गई है।

एसएमएस अस्पताल राजस्थान में हार्ट प्रत्यारोपण में पहला सरकारी अस्पताल (Government Hospital) बन गया है। इस सफलता के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने ट्वीट कर हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए एसएमएस अस्पताल को बधाई दी है।

इसके साथ ही चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने भी ने ट्रांसप्लांट में शामिल डॉक्टरों की पूरी टीम को दी बधाई दी है। डॉक्टरों के अनुसार घायल 25 पच्चीस वर्षीय सांवर मल कार्बन डेड था।

एसएमएस अस्पताल में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट, लीवर निम्स भेजा 2

अस्पताल के डॉक्टरों ने घायल सांवरमल के परिजनों की सहमति के बाद रात 12 बजे कैडर ट्रांसप्लांट की तैयारी शुरू की, और गुरुवार को अलसुबह पहला हार्ट ट्रांसप्लांट करने में सफलता पाई है।

इसके अलावा मरीज की दोनों किडनी का भी अस्पताल में ही प्रत्यारोपण किया गया है। सांवरमल के लीवर को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए दिल्ली रोड पर निम्स हॉस्पिटल भेजा गया है, जहां पर मरीज को प्रत्यारोपण किया गया है।