राजस्थान के लिए वरदान हो सकती है यमुना नदी

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यमुना नदी मे बरसता के दिनों में आने वाला बाढ का पानी प्रदेश के लगभग 6 जिलों समेत लगभग 25 विधानसभा क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकता है।

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यमुना नदी जल संवर्धन समिति की ओर से इस बात का दावा किया जा रहा है। हरियाणा बार्डर पर नांगल चौधरी से लेकर गढ़टकनेत तक 50 किलोमीटर पानी लाया जाए तो आगे प्राकृतिक रूप से बनी लगभग चार महत्वपूर्ण नदियों के जरिए पानी छोडा जा सकता है, जो कि वाटर रिचार्ज होने के साथ पेयजल आराम से लोगो को मिल सकता है। एक रिपोर्ट

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बरसात के मौसम में यमुना नदी अपने पूरे शबाब पर होती है, और जो भी रास्ते में आया उसे अपने साथ ले जाती है लेकिन यमुना के बाढ के पानी का रास्ता थोडा सा मोड़ दिए जाए तो तो प्रदेश के लगभग 6 जिलों समेत 25 विधानसभा क्षेत्रों में पानी की किल्लत को दूर किया जा सकता है।

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जिससे भूल जल बढने के साथ खेती के लिए भरपूर पानी किसानों को मिल सकता है। इस बात का दावा यमुना नदी जल संवर्धन समिति की ओर से किया जा रहा है।

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समिति के संयोजक डॉ महावीर शास्त्री ने बताया कि हरियाणा से राजस्थान को मिलने वाला पानी अभी नही मिल पा रहा है, लेकिन  केवल यमुना के बाढ़ के पानी लाया जाए तो प्राकृति स्रोतो को फिर से जीवत किया जा सकता है।

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असल में सीकर जिले के अजीतगढ के पास गढ़टकनेत में पुराने समय से ही प्राकृतिक रूप से नदिया निकली हुई है। यदि राज्य सरकार टकनेट तक यमुना के बाढ़ का पानी लाकर छोडा जाए तो गढ़टकनेट से ही कोटपुतली-पावटा के पास बुचारां बांध तक पानी नदी के जरिए आ सकता है।

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इस बांध से किसी जमाने में नहरों से सिचाई हुआ करती है। गढ़टकनेत से एक नदी अजीतगढ़ के पास आकर दो भागों में बट जाती है जो कि एक जवानपुरा बांध तक जाती है, जो दूसरी लूणी नदी तक वही असरसर से जमदईबांध होते हुए कालख बाध तक जाती है।

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जो कि बनास नदी मे मिलती है। दूसरी ताला नदी के जरिए जमवारामगढ के बांध को निकतती है। असल में गढ़ टकनेट से निकलनें वाली नदिय़ा जिसमें मेढ़ा नदी..ताला नदी। बांडी नदी और बाणगंगा है।

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समिति के संयोजक डॉ महावीर शास्त्री ने बताया कि टकनेट मे 26 हजार बीघा जमीन सरकार के पास उसी जगह पर है जहा से प्राकृतिक रूप से पानी को विभक्त करने का स्थान है।

शास्त्री ने बताय़ा की भाजपा और कांग्रेस ने अपने अपने तरीके से पानी मुहेया करवाने का वादा अपने चुनावी घोषणा पत्रों में किया है।

दावा इस बात का किया जा रहा है कि जयपुर जिले की 19 विधानसभा क्षेत्र। सीकर जिले की 3 विधानसभा क्षेत्र टोंक नागौर अजमेर अलवर जिलों को इसका लाभ मिल सकता है।

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मामले को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन में उठाया था। पूनियां ने कहा कि राज्य सरकार को एक बार इस बार में अधिकारियों को इसके बारे में फीड बैंक लेना चाहिए ।

इस मामले में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि छोटें लिंक को जोड़ने के लिए राज्य सरकार, केन्द्र  सरकार को आर्थिक रूप से सपोर्ट करने का अनुरोध करेंगी तो तय नियमों के हिसाब से मदद की जाएगी।

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शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जोझरी पुनर्भरण का मामला हो या फिर यमुना का 1794 क्यूसेक पानी प्रदेश के हिस्से का लाकर चूरू में रिजर्व करने का हो या फिर एआरसीटी को मसला हो राज्य सरकार की ओर से कोई पहल नही की जा रही है ।

शेखावत ने कहा कि भारत सरकार के साथ राज्य सरकार बातचीत करती है तो सभी योजना पर सहयोग करेंगी।

बहरहाल प्रदेश में किसानों की पानी की कमी को जड़ से खत्म करना है तो केन्द्र पानी से जुडे सभी मामलों में अगुवाई करते हुए अन्तर्राज्यीय जल विवादों का निपटाए।

एक साथ राजनीति से उपर उठकर सभी मिलकर पानी सबको मुहैया करने के लिए संकल्पित हो तो एक और बाढ से परेशान लोगों को निजात मिलेगी, और वहीं बाढ़ का पानी किसी दूसरे के लिए वरदान बनेगा