मप्र : सत्ता में हर जिले की हिस्सेदारी का कांग्रेस का रोडमैप

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कांग्रेसी राजस्थान अध्यक्ष और राजस्थान में मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लताड़ पिलाई है।

उन्होंने अशोक गहलोत को नसीहत देते हुए कहा है कि बच्चों की मौत पर अगर बारहवीं नहीं होती है, तो हमें यह परंपरा तोड़नी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने पीसीसी मुख्यालय में मकर सक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में कोटा में बच्चे की मौत है, और परंपरा है कि बच्चों की बैठने नहीं जाते हैं तो उसमें यह परंपरा तोड़ नीचे लिखा है कि अगर हम घूंघट की परम्परा को तोड़ने की बात कर सकते हैं, हमें इस परम्परा को भी तोड़ सकते हैं।

गौरतलब है कि बीते दिनों सचिन पायलट के द्वारा कोटा में बच्चों की मौत पर यात्रा करने के बाद अशोक गहलोत ने बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बच्चों की मौत पर बैठने नहीं जाया जाता है।

इसपर कड़ा एतराज जताते हुए भाजपा के नेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा था कि इस तरह की बात करना ऐसा बयान देना अशोक गहलोत की दिनचर्या में शामिल हो गए है, उनको यह भी पता नहीं है कि बच्चों की मौत पर बैठने नहीं जाया जाता, लेकिन संवेदनाएं जताने जरूर जाया जाता है।

बीते लंबे समय से कांग्रेस के दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से शीत युद्ध चल रहा है। कुछ दिन पहले ही सचिन पायलट के बयानों पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा कि अध्यक्ष होने के नाते उनको खुल कर बोलना चाहिए।

कांग्रेस के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों के बीच चल रही लड़ाई के चलते राजस्थान में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। विपक्षी पार्टी भाजपा को लगातार हमले करने का मौका मिल रहा है, जबकि कांग्रेस में मंत्री और विधायक सभी दो गुटों में बंटे हुए हैं।