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शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ शिक्षा का विस्तार होने के साथ ही शहरों और कस्बों में कोचिंग संस्थानों का जाल फैल गया है। जिस तरह प्राइवेट स्कूलों में अयोग्य शिक्षकों की भरमार है, ठीक वैसे ही कोचिंग संस्थानों में भी अयोग्य लोग योग्यता का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं।

लंबे समय से कोचिंग संस्थानों पर निगाह रखने वाले राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव कहते हैं ना है कि प्रदेश में हजारों की संख्या में कोचिंग हैं, जो अपनी मनमर्जी से फीस लेकर बेरोजगारों लूट रहे हैं।

उपेन के मुताबिक प्रदेश की कई कोचिंगों में योग्यताधारी फैकल्टी भी नहीं है और बिना योग्यता के ही कोचिंग में शिक्षण करवाने का कार्य कर रहे हैं। कई ऐसी कोचिंग हैं जो कुछ दिनों बाद ही फीस लेकर कोचिंग बंद करके फरार हो गए हैं।

जिससे बेरोजगार अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ऐसे में यह प्रदेश के लाखों बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ कोचिंगों की मनमानी फीस (लूट कसौट) का और अयोग्य फैकेल्टियों का विरोध करता है।

बेरोजगार सरकार से मांग करते है कि कोचिंगों की मनमर्जी गुंडागर्दी लूट कसौट पर लगाम लगाने के लिए “कोचिंग नियामक आयोग” जल्द से जल्द बनाया जाए और नियामक आयोग के तहत ही भर्तियों के अनुसार न्यूनतम फीस तय की जाए।

जिससे बेरोजगार आसानी से अपने सपनो को साकार कर सकें और अयोग्य फैकेल्टियों को जल्द से जल्द हटाया जाए, उनकी जगह योग्य फैकेल्टियों को ही रखा जाए

कोचिंग संस्थानों द्वारा मनमर्जी से फीस लूटने के साथ-साथ अब पेपर लीक करने का भी कार्य शुरू कर दिया है। बीते साल 29 दिसंबर को लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा का पेपर आउट हुआ था। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति और मीडिया की रिपोर्ट में स्पष्ट था कि मदर्स कोचिंग इसमें लिप्त है।

मदर्स कोचिंग का कर्मचारी संदीप नेहरा इसका मुख्य सरगना है, लेकिन अभी तक संदीप नेहरा और उनके अन्य साथी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

पुलिस के द्वारा कोचिंग को सील किया गया था, लेकिन फिर से मिलीभगत करके कोचिंग को वापस से शुरू कर दिया गया। उपेन कहते हैं कि यह उन लाखों बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जो लगातार कई सालों से कर्जा लेकर तैयारी कर रहे हैं।


ऐसे में इनके ऊपर भी नकेल कसनी चाहिए, जो पेपर लीक करने के कुकर्म में शामिल हैं। पेपर लीक प्रकरण में लिप्त कोचिंग एवं दोषियों खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

सवाल: लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को लेकर बेरोजगारों के 3 सवाल –

1- लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा का पेपर कहां से आउट हुआ, अधिनस्थ बोर्ड से थाने से या प्रिंटिंग प्रेस?

2- आज तक मुख्य सरगना संदीप नेहरा और उनके साथियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई ?

3- पेपर लीक प्रकरण का मुख्य सरगना संदीप नेहरा और उनके साथी अभी तक नहीं पकड़े गए तो मदर्स कोचिंग को क्यों खोला गया।

4- पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में साफ लिखा था, पेपर लीक प्रकरण में मदर्स कोचिंग लिप्त है। अब मदर्स कोचिंग की सील क्यों हटाई गई ?