राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा यह कहना, कि बच्चों की मौत पर बैठने नहीं जाया करते हैं, इस पर प्रदेश में सियासी तूफान खड़ा हो गया है।

राजस्थान के भाजपा अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया ने इसका कड़ा प्रतिकार करते हुए कहा है कि इस तरह के बयान देना मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दिनचर्या में शामिल हो गया है, मुख्यमंत्री में संवेदनाएं खत्म हो गई है और उन्होंने जिम्मेदारी लेना भी बंद कर दिया है।

डॉ. सतीश पूनिया ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हो चुकी है, उनको वापस नहीं लाया जा सकता है, लेकिन जिन माताओं की कोख़ उजड़ी है, उनके साथ सरकार का कोई नुमाइंदा, सरकार का कोई मंत्री बैठकर दुख दर्द कम करने का काम जरूर कर सकता है।

लेकिन सरकार का कोई भी मंत्री या विधायक वहां जाने का नाम नहीं ले रहा है, उनको फुर्सत नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच का टकराव जयपुर से दिल्ली के बीच सड़क मार्ग और हवाई मार्ग पर साफ दिखाई देने लगा है।

इसके साथ ही डॉ सतीश पूनिया ने कहा कि 2 दिन पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा जयपुर आईं, लेकिन दोनों नेताओं ने उनकी अगुवाई करने का काम किया, उनको यह नहीं कहा कि 4 घंटे की दूर कोटा है और वहां पर सैकड़ों बच्चों की मौत हुई है, 2 मिनट का वक्त निकालकर वहां भी ले जाते हैं।

दूसरी तरफ उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि राजस्थान की हालत खराब है, यहां पर किसान टिड्डी दल से लड़ रहे हैं, सरकार 214 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदने में मशगूल है और आबकारी की नीतियों को लेकर सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।

पंचायती राज व्यवस्था को पिछले दरवाजे के द्वारा चौपट किया जा रहा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि 73वें संविधान संशोधन के बाद जिन पंचायती राज संस्थाओं का गठन किया गया था, उनको राजस्थान की सरकार बंद करने के लिए, उन पर कब्जा करने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है।

इसके साथ ही राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि जो भी बच्चे कोटा, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और अजमेर के अस्पताल में दम तोड़ चुके हैं, उनके परिवारों पर कहर बरपा है, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने में जुटी हुई हैं।

वो लोग जयपुर से दिल्ली दरबार के लिए धोक लगाते फिर रहे हैं। सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है, राजस्थान में अपराध के आंकड़े पिछले साल से 32% अधिक बढ़े हैं।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अशोक गहलोत की सरकार किसानों के मामले में, युवाओं के मामले में और बेरोजगारों के मामले में पूरी तरह से विफल है।