दिल्ली चुनाव : भाजपा उम्मीदवारों की लिस्ट 13 जनवरी तक हो जाएगी फाइनल!

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भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया की नई टीम का ऐलान जल्द होने वाला है। हालांकि, यह टीम मिनी होगी।

फिलहाल केवल औपचारिकता के तौर पर छोटी टीम का ऐलान किया जाएगा, उसके बाद पंचायत चुनाव और जिला परिषद के चुनाव के बाद अप्रैल या मई तक बची हुई पूरी टीम की घोषणा की जाएगी।

जबकि, प्रदेश के सभी मोर्चा अध्यक्ष बदलने की पूरी संभावना है, इसका कारण यह है कि किसान मोर्चा के अध्यक्ष कैलाश चौधरी जैसे दूसरे पदों पर बैठे नेता हैं।

कैलाश चौधरी, जो कि अभी जैसलमेर बाड़मेर से सांसद हैं और केंद्र में कृषि राज्य मंत्री हैं। ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना हैं, उनको भी हटाया जाएगा।

अनुसूचित जाति मोर्चा में से रामकिशोर मीणा की जगह किसी अन्य मीणा लीडर की तलाश पूरी हो चुकी है। अनुसूचित जाति मोर्चा में भी ओपी महिंद्रा की जगह नया चेहरा तलाशा गया है।

युवा मोर्चा के अध्यक्ष का फैसला हो चुका है, इस पद पर अशोक सैनी की जगह किसी राजपूत चेहरे को लाया जा रहा है। संभावना यह भी है कि नरपत सिंह राजवी के बेटे या किसी युवा ब्राह्मण को इस पद पर नियुक्त किया जा सकता है।

जबकी, अधिक संभावना राजपूत समुदाय से आने वाले किसी युवा की अधिक है। ठीक इसी तरह से प्रदेश प्रकोष्ठ में भी सभी 10 पदों पर बदलाव किए जाने की संभावना है।

अभी विधि प्रकोष्ठ में सुरेंद्र सिंह नरूका हैं, जिनकी जगह किसी वरिष्ठ वकील को तलाशा जा रहा है। बीते दिनों बीजेपी से जुड़े हुई है कई वकीलों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ, व्यवसायिक प्रकोष्ठ, चिकित्सा, आर्थिक, व्यापार, सहकारिता, पूर्व सैनिक, शिक्षक और पशुपालन प्रकोष्ठ के भी संयोजक का बदलाव किया जाना तय है।

हालांकि, यह माना जा रहा है कि प्रकोष्ठ पर फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष पूनिया का फोकस कम है, जबकि प्रदेश मोर्चा में बड़े स्तर पर बदलाव किया जाएगा। महिला मोर्चा और युवा मोर्चा का पूरा चेहरा बदलेगा।

भारतीय जनता पार्टी के तमाम विभाग, जिनमें मीडिया विभाग, मीडिया संपर्क विभाग, राजनीतिक प्रतिपुष्टि और प्रतिक्रिया विभाग, अध्यक्षीय कार्यालय प्रवास एवं कार्यक्रम विभाग, चुनाव आयोग संपर्क विभाग, कानूनी और विधिक विषय विभाग, पार्टी पत्रिकाएं तथा प्रकाशन विभाग, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रबंधन विभाग के साथ ही नीति विषयक शोध विभाग पर अधिक फोकस किया जा रहा है।

इन सभी विभागों के प्रमुख बदलने की पूरी संभावना है, जिनकी सूची लगभग तैयार कर ली गई है। हालांकि, प्रदेश भाजपा में प्रकरण का अधिक महत्व नहीं है।

किंतु केंद्र सरकार के साथ समन्वय बिठाने और केंद्र की योजनाओं को संगठन के माध्यम से राजस्थान में लागू करने के लिए प्रकरण प्रमुख बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

इसके लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण अभियान, राष्ट्रीय महासंपर्क अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रकल्प, स्वच्छता अभियान और कार्यालय आधुनिकरण प्रकल्प महत्वपूर्ण प्रकल्प हैं, जिनके प्रमुख बदले जाने की तैयारी कर ली गई है।

संख्या की बात की जाए तो प्रदेश मोर्चा में 7 प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसी तरह से प्रदेश प्रकोष्ठ में 10 संयोजक, 9 प्रकल्प पर हैं, जिनके सभी में प्रमुख हैं। इसी प्रकार से 17 विभाग में 17 प्रमुख बने हुए हैं।

इन सभी की नियुक्ति पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के वक्त की गई थी। हालांकि, बीच में कुछ विभाग प्रमुख और अध्यक्षों को मदन लाल सैनी के वक्त बदला गया।