Jaipur: रोहित ने करवाई थी 21 माह के बेटे श्रेयस और पत्नी श्वेता तिवारी की हत्या

Jaipur hindi news

-श्वेता तिवारी की हत्या उसके 21 माह के बेटे श्री एम की निर्मम हत्या के मामले का पर्दाफाश

-मृतका के पति रोहित तिवारी ने ही रची थी साजिश घटना को फिरौती की मांग का रूप देकर किया गुमराह

-मृतका के पति रोहित तिवारी द्वारा कॉन्ट्रैक्ट के लिंग द्वारा करवाई गई थी हत्या

-मृतका के पति रोहित तिवारी ने दूसरी शादी में अवरोध पैदा ना हो, इसके लिए करवाई पुत्र श्रेयम की हत्या

2 दिन पहले जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के प्रताप नगर स्थित यूनिक टावर के 103 नंबर प्लेट में श्वेता तिवारी और उसके 21 माह के बेटे श्रेयम की हत्या के मामले में जयपुर पुलिस ने खुलासा किया है।

जयपुर पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में श्वेता तिवारी के पति रोहित तिवारी ने ही सारी साजिश रची थी और दूसरी शादी में अवरोध पैदा नहीं हो, इसके लिए ये श्रेयम और श्वेता तिवारी की हत्या करवाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट के किलर उत्तर प्रदेश से बुलवाया था।

इससे पहले खुद रोहित तिवारी ने एफ आई आर दर्ज करवाई थी, जिसमें लिखा था, “मैं फ्लैट नंबर आई 103 यूनिक टावर सेक्टर 26 प्रताप नगर में मेरी पत्नी श्वेता तिवारी और प्रेम के साथ निवास करता हूं। मैं आईओसीएल जयपुर एयरपोर्ट पर वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर कार्यरत हूं। दिनांक 7 जनवरी को रोज की तरह सुबह करीब 9:00 बजे ड्यूटी पर चला गया।”

“पीछे से फ्लैट पर पत्नी श्वेता और पुत्र स्वयं जिसकी उम्र 21 माह को छोड़ कर गया था। समय करीब 5:30 पर उसके पास पड़ोसी अजय का फोन आया बताया कि पत्नी के मुंह से खून निकल रहा है, जिस पर मैं तुरंत कार लेकर ऑफिस से फ्लैट आया और मेरे फ्लैट को बाहर से लोगों की भीड़ ने घेर रखा था।”

यह भी पढ़ें :  कांग्रेस ने तैयार की 50 उम्मीदवारों की सूची

“मैं अंदर आकर देखा तो पत्नी श्वेता हॉल में बेड पर मृत अवस्था में पड़ी थी। उसके चेहरे पर बहुत खून आ रहा था, जबकि मेरे बेटे 21 माह के श्रेयम की तलाशी ली गई तो उसका अता पता नहीं चला। पत्नी का मोबाइल फोन था, जिसमें यह अज्ञात व्यक्ति लूट गया।”

“किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरी पत्नी श्वेता के सिर में चोट मारकर हत्या कर दी थी तथा मेरे बेटे को अपहरण कर ले गए थे। इसके बाद जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के द्वारा एक टीम का गठन किया गया, जिसने गहनता से जांच की।”

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर बारीकी से निरीक्षण करने के बाद पड़ोस के सीसीटीवी कैमरो को चेक किया गया। बिल्डिंग में आने वाले के संबंध से पूछताछ की गई मौके पर एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई।

मृतका के फ्लैट में काम करने आई बाई इलेक्ट्रीशियन से पूछताछ की गई। कॉलोनी वे आसपास फ्लैट का डोर टू डोर सर्वे करवाया गया। घटनास्थल के आसपास गठित टीमों के द्वारा पूछताछ व सर्वे किया गया।

रेलवे स्टेशन बस स्टैंड आदि स्थानों पर तलाशी ली गई और पूछताछ की गई। संदिग्ध रोहित तिवारी के आईओसीएल ऑफिस के आसपास मुख्य तैनात किए गए और गुप्त पतासी की गई एसएफएल टीम, डॉग स्क्वायड, फिंगरप्रिंट घटनास्थल का निरीक्षण के साक्ष्य एकत्रित किए गए।

आरोपी रोहित के बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड डिटेल, लोन और जीवन बीमा पॉलिसियों की जानकारी प्राप्त की गई। सीआईएसएफ की मुख्य शाखा और एयरपोर्ट अधिकारियों से जानकारी ली गई।

यूनिट बिल्डिंग के आसपास आने वाले लोगों के रजिस्टर से 6 माह की अवधि का रिकॉर्ड किया गया। अनुसंधान का विश्लेषण किया गया। पूर्व में चालानसुदा आरोपियों से पूछताछ की गई।

यह भी पढ़ें :  CM गहलोत के धुर विरोधी रहे कर्नल सोनाराम फिर कांग्रेस की ओर!

कमिश्नर और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वारा मौके पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों एवं गठित टीमों को आवश्यक दिशा निर्देश देने के बाद संदिग्ध मृतका के पति रोहित तिवारी से गहनता से पूछताछ की गई तो उसके बाद रोहित तिवारी ने खुद अपना जुर्म कबूल कर लिया।

रोहित द्वारा अपनी पत्नी व बच्चे का कॉन्ट्रैक्ट किलर सौरभ उर्फ राज चौधरी के द्वारा हत्या करवाना कबूल किया गया। रोहित ने बताया कि उसकी 2011 में शादी होने के बाद अपनी पत्नी श्वेता तिवारी से लगातार संबंध खराब रहे। इनके कारण उतरे करीब 21 माह पहले आईवीएफ तकनीक से उत्पन्न हुआ था।

रोहित तिवारी श्वेता तिवारी के मध्य 5 जनवरी 2020 को आपसे घरेलू झगड़ा हुआ, जिसने भी स्थिति तनावपूर्ण बनी। रोहित तिवारी दूसरी शादी करने का इच्छुक था, इसलिए पत्नी व बच्चे को रास्ते से हटाने के लिए हत्या करवाई गई।

10 जनवरी 2020 को सौरभ उर्फ राजकुमार एवं रोहित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया अनुसंधान अभी जारी है।