Video: Jaipur के नींड़ड़ में किसान गढ़े ज़मीन में, JDA के खिलाफ छेड़ी जंग

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-“नींदड जमीन समाधि सत्याग्रह”, ज़मीन में गढ़े किसान।

नींदड गांव में जेडीए के द्वारा बिना किसानों से बातचीत किये, किसानों को सूचना दिये बिना अचानक जमीन पर कब्जा करके काम शुरू कर दिया गया। उसके खिलाफ किसान एक बार फिर गुस्से में हैं।

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इसके खिलाफ किसान ज़मीन समाधि ले रहे हैं। यहां पर करीब दो साल पहले भी सैंकड़ों किसान ज़मीन समाधि लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि उनको नए जमीन अधिग्रहण कानून के मुताबिक मुआवजा नहीं मिला है।


जेडीए की इस दादागिरी तानाशाही के खिलाफ नींदड के किसानों का डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में नीदंड बचाओ युवा किसान संघर्ष समिति के आव्हान पर सुबह 11:30 बजे से “जमीन समाधि सत्याग्रह” शुरू हो गया।

किसानों का कहना है कि ही जयपुर विकास प्राधिकरण ने उनकी जमीन का अधिग्रहण कर लिया लेकिन न तो उनको मुआवजा दिया गया और न ही ही दूसरी जगह जमीन दी गई। इसके चलते यह जमीन समाधि कार्यक्रम शुरू किया गया है।

गौरतलब है कि 2 दिन पहले ही जयपुर विकास प्राधिकरण ने ऐलान किया था कि नींदड़ आवासीय योजना की तमाम जमीन पर जेडीए अपना कब्जा लेने जा रहा है। इसके बाद किसानों में काफी गुस्सा है।

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आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नगेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि बीते 10 साल के दौरान यहां का किसान लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और जड़ी के समक्ष अपना पक्ष रख चुका है, लेकिन कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही है।

उनका कहना है कि जहां एक तरफ पूरी दुनिया 2020 के जश्न में डूबी हुई है, वहीं जयपुर विकास प्राधिकरण अपने अड़ियल रवैए पर उतरते हुए 1 जनवरी 2020 को इस जमीन पर अपना कब्जा लेने के लिए आदेश जारी कर चुका है।

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गौरतलब है कि करीब 2 साल पहले भी जब जयपुर विकास प्राधिकरण यहां पर कब्जा करने आया था। तब भी किसानों ने इसका विरोध किया और जमीन समाधि सत्याग्रह शुरू किया था, जिसके बाद सरकार और जेडीए को पीछे हटना पड़ा था।

किसानों का कहना है कि नया जमीन अधिग्रहण कानून लागू हो चुका है। इसके बावजूद सरकार उनको पुराने कानून के मुताबिक मुआवजा देने का कुकृत्य कर रही है, जिसको किसान स्वीकार नहीं करेंगे।