Jaipur के जेके लोन अस्पताल में दिसम्बर में 217 बच्चों की मौत

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राजस्थान के कोटा, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और राजधानी जयपुर में दिसंबर महीने में 1000 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है।

कोटा में जहां दिसंबर महीने में 106 बच्चों की मौत हुई, वहीं जोधपुर में 146 और बीकानेर में 164 बच्चों की मौत हो गई। दूसरी तरफ राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित जेके लोन अस्पताल में दिसंबर महीने में सर्वाधिक 217 बच्चों की मौत हो गई।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और एक दूसरे पर छींटाकशी के चलते राजस्थान की कांग्रेस सरकार पसोपेश में है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट जहां एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, वहीं चिकित्सा मंत्री इसको पीडब्ल्यूडी द्वारा समय पर अस्पतालों की इच्छा तो ठीक नहीं करनी की बात कहकर सचिन पायलट पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।

देश-विदेश के तमाम मीडिया संस्थानों का ध्यान कोटा अस्पताल की तरफ है, लेकिन उससे ज्यादा मौतें जोधपुर, जो कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला है, वहां पर और पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर में बच्चों की मौत सबसे अधिक हुई है। जबकि ब्रह्मा नगरी अजमेर में भी सैकड़ों बच्चों की पिछले साल मौत हो गई। जयपुर में यह आंकड़ा 2019 में 1000 से अधिक पहुंच चुका है।

राजस्थान में इस वक्त तीन ही चीजें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। पहली बच्चों की मौत, दूसरा पश्चिमी राजस्थान में टिड्डी दल का खतरा और तीसरा राजस्थान की कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच शीत युद्ध।

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