सायपुरा: 13 साल पहले बसाए 100 परिवारों की बस्ती हटाएगा JDA

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साल 2007 में जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बसाई गई केरल की महिला सन्त की ट्रस्ट अमृतानंदमयी सेवा समिति के 100 घरों की बस्ती को हटाया जाएगा। इसके लिए जेडीए ने यहां रहने वाले परिवारों को बस्ती खाली करने के नोटिस दे दिए हैं।

सांगानेर थाने से करीब 7 किलोमीटर दूर शाहपुरा गांव में स्थित इस बस्ती में अभी 100 परिवारों में करीब 700 सदस्य रहते हैं।

जयपुर विकास प्राधिकरण और अमृतानंदमई सेवा ट्रस्ट के बीच 2007 में हुए एवं विकास आर यहां पर 30 बीघा जमीन में 1000 घरों का निर्माण कर जरूरतमंदों को देना था, लेकिन केवल 45 वर्गमीटर के 100 घर बनाए हैं।

समय पर निर्माण कार्य नहीं करने के कारण जयपुर विकास प्राधिकरण ने ट्रस्ट को एमओयू का उल्लंघन का दोषी मानते हुए पूरी भूमि वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

वर्तमान में करीब 7 बीघा जमीन पर 100 परिवारों का कब्जा है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने इनको नोटिस देकर घर छोड़ने के लिए कह दिया है।

जबकि, विकास प्राधिकरण का कहना है कि एमओयू के अनुसार या रहने वाले लोगों के साथ कोई करार नहीं किया गया था, बल्कि अम्मा ट्रस्ट के साथ किया गया था।

प्राधिकरण के मुताबिक ट्रस्ट अपनी वर्किंग में पूरी तरह असफल हुआ है और जयपुर विकास प्राधिकरण इसीलिए अपनी सारी जमीन वापस लेने का फैसला कर चुका है।

अधिकारियों का कहना है कि जेडीए ने यहां पर रहने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कोई एमओयू नहीं किया था, इसलिए इन्हें एमओयू के आधार पर ट्रस्ट के द्वारा उपभोग अधिकार पत्र दिए गए थे।

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इससे पहले योजना बसाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने सभी परिवारों को ट्रस्ट के माध्यम से अधिकार पत्र सौंपे थे। जिनको बिजली और पानी के कनेक्शन में 75% की छूट भी दी गई थी। अब यहां पर लोगों ने जो घर बना कर दिए थे, उससे अधिक बाहर की तरफ भी कब्जा कर लिया है।

हालात यह है कि जयपुर विकास प्राधिकरण को 7 बीघा जमीन 100 घर बसाए जाने की सूचना है, जबकि करीब 15 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा हो चुका है।

यहां पर रहने वाले लोगों का कहना है कि अधिकांश परिवार इस स्थिति में नहीं है, कि खुद की छत बना सकते, इसलिए जयपुर विकास प्राधिकरण के साथ वह लड़ाई भी नहीं लड़ सकते। अम्मा ट्रस्ट जेडीए के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।