भाजपा में नया युग शुरु, जानिए कैसी होगी अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां की नई टीम—

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—प्रदेशाध्यक्ष डॉ. पूनियां विद्यार्थी परिषद और आरएसएस से जुड़े लोगों को तवज्जो दे सकते हैं अपनी नई टीम में

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भाजपा में तत्कालीन अध्यक्ष अशोक परनामी का युग भले ही खत्म हुए एक साल का समय गुजर गया हो, किंतु उनके द्वारा बनाई हुई भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी अब तक काम कर रही है। केवल अध्यक्ष बनने के बाद मदनलाल सैनी ने जरुर कुछ बदलाव किए थे।

अब, जबकि भाजपा नए युग की तरफ और अपने नए लीडर की तरफ देख रही है, तो एक नए युग की शुरुआत के तौर पर इसको देखा जाना चाहिए। वैसे भाजपा जिस तरह का संगठन है, उससे सहज की कहा जा सकता है कि करीब 5 साल बाद नई और तरोताजा टीम का गठन होने जा रहा है।

प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां का शुक्रवार को निर्वाचन होने के साथ ही अब पार्टी नेताओं में उनकी नई प्रदेश कार्यकारिणी की चर्चाएं भी शुरु हो गई हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि प्रदेशाध्यक्ष डॉ. पूनियां अपनी नई टीम की घोषणा मलमास खत्म होने या पंचायत चुनाव के बाद करेंगे।

भाजपा में बनने वाली कार्यकारिणी में इस बार पूरा बदलाव होने की सम्भावना है। बताया जा रहा है कि यदि प्रदेश कार्यकारिणी में पूरा बदलाव होता है तो ये यह बदलाव करीब 5 साल बाद होगा, जिसका गठन तत्कालीन अध्यक्ष अशोक परनामी द्वारा किया गया था।

लगभग 5 साल पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रुप में अशोक परनामी ने नियुक्त अध्यक्ष के तौर पर दल की कमान सम्भाली थी। तब उनका भी भाजपा संविधान के अनुसार कुछ समय बाद संगठन चुनाव से ही निर्वाचन हुआ था।

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उसके बाद अशोक परनामी ने अपनी कार्यकारिणी बनाई थी। सर्वविदित है कि अशोक परनामी की टीम में वही लोग थे, जिनको वसुंधरा राजे गुट का माना जाता है। त​ब से वही कार्यकारिणी काम देख रही है। परनामी के बाद प्रदेशाध्यक्ष की कमान स्व. मदन लाल सैनी ने सम्भाली।

कम समय होने के कारण उन्होंने भी अशोक परनामी के द्वारा बनाई गई कार्यकारिणी में कोई खास बदलाव नहीं किया। हां, कुछ नए लोगों को और टीम में शामिल कर लिया। लेकिन भाजपा नेताओं का मानना है कि अब नवनिवार्चित प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के द्वारा पूरी कार्यकारिणी नई बनाई जाएगी।

बीजेपी नेताओं का मानना है कि डॉ. सतीश पूनियां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और आरएसएस की पृष्ठभूमि से आते हैं, इसलिए उनकी इस प्रदेश कार्यकारिणी में विद्यार्थी परिषद और आरएसएस के नेताओं का दबदबा रहना तय है।

डॉ. पूनियां की नई टीम में शामिल होने के लिए नेताओं ने अपनी लॉबिंग तेज कर दी है। प्रदेश भाजपा के कई आला नेता चाहते हैं कि वो पूनियां की कार्यकारिणी में अपनी जगह बनाएं, इसके लिए वे किसी न किसी तरह अपना प्रयास करने में जुटे हुए हैं।

कई स्टेट और नेशनल लेवल के भाजपा नेता डॉ. पूनियां की प्रदेश टीम में शामिल होने के लिए केन्द्रीय नेताओं से भी सम्पर्क साध रहे हैं। पूरी संभावना है कि डॉ. पूनियां अपनी नई टीम का गठन और उसका विस्तार मलमास के बाद या पचांयत चुनाव के बाद कर सकते हैं।

हालांकि, टीम का चुनाव करने से पहले अपने पहले निवार्चित अध्यक्षयी भाषण में तो तेवर दिखाए हैं, उससे साबित होता है कि वो अपनी नई टीम में केवल कर्मठ, इमानदार, सेवाभावी, जूनुनी और कठोर परिश्रम करने वालों को ही साथ लेने जा रहे हैं।

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इतना ही नहीं, उन्होंने जिस लहजे में बात की है, उससे यह भी साबित हो गया है कि स्वंभू बनकर बैठे नेताओं को दूर करने में वो बिलकुल भी नहीं हिचकिचाएंगे। जिस तरह की उम्मीद है, उससे यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि वसुंधरा राजे गुट के माने जाने वाले नेताओं को भी टीम से दूर किया जा सकता है।

बहरहाल, जिस तरह का डॉ. पूनियां का मिजाज रहा है, उससे यह बात भी निकलकर सामने आती है कि संगठन के साथ हमेशा कदमताल करने वाले और पूरी तरह से समर्पित, परिश्रमी, जूनुनी कार्यकर्ताओं की अब पार्टी में सक्रियता बढ़ने वाली है।

कई मठाधीश बनकर बैठे कुछ पुराने नेताओं को इस बात का भी ड़र सता रहा है कि उनको संगठन से दूर किया गया तो पूछ कम हो जाएगी। इसी भय के चलते कई निष्क्रिय रहने वाले नेता हर जगह मौजूद रहने लगे हैं।