राजस्थान सरकार ने निकाली 10453 पदों पर कम्प्यूटर शिक्षक भर्ती

जयपुर। राजस्थान में बेरोजगार कम्प्यूटर शिक्षकों के लिए अर्द खुशखबरी है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महत्वपूर्ण निर्णय करते हुए कम्प्यूटर शिक्षकों के नए कैडर के लिए 10453 पदों के सृजन की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही संविदा आधार पर इन पदों के लिए जरूरी तत्काल भर्ती के लिए भी मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दे दी है।

इस प्रस्ताव के मुताबिक शिक्षा विभाग में 9862 पद बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक के और 591 पद वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक के होंगे। बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक के लिए वेतनमान और वांछित योग्यता सूचना सहायक पद के समकक्ष होंगे। वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक के लिए वेतनमान और योग्यता सहायक प्रोग्रामर पद के समकक्ष होंगे।

बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक के पद प्रतियोगी परीक्षा से भरे जाएंगे। वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक के कुल पदों में से 75% पद सीधी भर्ती और 25% पद विभाग में कार्यरत बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशकों में से संवीक्षा परीक्षा पास करने पर पदोन्नति के जरिए भरे जाएंगे।

वर्तमान में प्रदेश के कुल 10680 सरकारी विद्यालयों में आईसीटी लैब संचालित हैं, जिनमें से अभी करीब 800 से विद्यालयों में ही अनुदेशक उपलब्ध हैं। शेष विद्यालयों में बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक का एक-एक पद सृजित किया जाएगा।

इसके अलावा प्रथम चरण में प्रत्येक जिले और ब्लॉक में सबसे ज्यादा नामांकन वाले उच्च माध्यमिक विद्यालयों और और महात्मा गांधी विद्यालयों में वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक के लिए एक-एक पद सृजित किया जाएगा।

आपको बता दें कि वर्ष 2014 के बाद संविदा आधार पर कार्य कर रहे कम्प्यूटर शिक्षकों को हटा दिया गया था। कम्प्यूटर शिक्षक लम्बे समय से भर्ती को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें :  राजनीति में द्वेष और वैमनस्यता की जगह नवनिर्माण करेगी पार्टी

प्रस्ताव के अनुसार कम्प्यूटर अनुदेशक को हर महीने 18500 रुपए, वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक को 23700 रुपए और पदोन्नति पर आने वाले वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक को 33800 रुपए का पारिश्रमिक मिलेगा। पहले संविदा पर लगे कम्प्यूटर शिक्षकों को महज 2500 रुपए मानदेय दिया जा रहा था।

बेरोजगार महासंघ का विरोध

भर्ती के लिए बेरोजगार कम्प्यूटर शिक्षक लम्बे समय से आन्दोलन कर रहे हैं और अभी भी सोशल मीडिया के जरिए अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भर्ती की घोषणा तो कर दी है, लेकिन बेरोजगार महासंघ इससे ज्यादा खुश नहीं है।

बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने मांग मानने के लिए मुख्यमंत्री का अभार जताया है, लेकिन साथ ही संविदा आधार पर भर्ती का विरोध भी किया है। उपेन यादव ने कहा कि संविदा आधार पर कम्प्यूटर भर्ती निकालना बिल्कुल गलत निर्णय है, इस निर्णय का हम विरोध करते हैं। उन्होंने संविदा की बजाय नियमित आधार पर भर्तियां निकालकर बेरोजगारों को राहत देने की मांग मुख्यमंत्री से की।