गहलोत सरकार ने पति चेयरमैन राजाराम के बाद पत्नी जयपुर मेयर सौम्या गुर्जर को क्यों किया गया निलंबित?

जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार की सरकार स्वायत शासन विभाग के मंत्री शांतिलाल धारीवाल ने एक अद्भुत रिकॉर्ड कायम कर दिया। शांति धारीवाल अशोक गहलोत की 1998, 2008 और अब 2018 की तीनों सरकारों में यूडीएच मंत्री रहे हैं। उनको गहलोत का सबसे विश्वसनीय और करीबी मंत्री माना जाता है।

धारीवाल के विभाग द्वारा करौली के तत्कालीन नगर परिषद सभापति राजाराम गुर्जर को 6 दिसंबर 2019 को निलंबित कर दिया गया था। उनका नगर परिषद के स्वास्थ्य निरीक्षक मुकेश सैनी द्वारा ठेकेदार के कर्मचारियों के भुगतान को लेकर 12 नवंबर 2019को झगड़ा हुआ था।

सैनी ने राजाराम गुर्जर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाया था कि उसको बंधक बनाकर मारपीट की गई। हालांकि, कुछ समय बाद ही जांच के बाद राजाराम गुर्जर को स्वायत शासन विभाग के द्वारा फिर से बाहर कर दिया गया था।

अब राजाराम गुर्जर की पत्नी और जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर को भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के द्वारा 6 जून 2021 को देर रात 11:30 बजे निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।

मजेदार बात यह है कि दोनों ही पति पत्नी को सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने के आरोप में निलंबित किया गया है। इधर जयपुर महापौर सौम्या गुर्जर के साथ भाजपा के अलग-अलग दो कमेटियों के दो चेयरमैन और एक पार्षद को भी निलंबित किया गया है।

स्वायत शासन विभाग ने देर रात जारी किए गए निलंबित पत्र में लिखा है कि महापौर सौम्या गुर्जर के द्वारा पिछले दिनों निगम आयुक्त यज्ञमित्र देव सिंह के साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की गई, जिसका मुकदमा ज्योति नगर थाने में दर्ज करवाया गया था।

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हालांकि, सरकार ने इससे पहले इस प्रकरण को लेकर अधिकारियों से जांच शुरू करवा दी थी, लेकिन अचानक ही रविवार देर रात स्वायत शासन विभाग के द्वारा दूसरा आदेश जारी करके महापौर दो चेयरमैन और एक पार्षद को निलंबित करते हुए कहा कि इन की न्यायिक जांच करवाएगी और उसमें बाधा उत्पन्न नहीं हो, इसलिए तब तक सभी को निलंबित किया जाता है।

मजेदार बातें की है जो प्रकरण कुछ दिन पहले घटित हुआ था, उसमें 3 दिन बाद न्यायिक जांच करवाने और उसके बहाने जयपुर की प्रथम महिला को इस तरह से निलंबित करने का राजस्थान के इतिहास में पहला उदाहरण है।

स्वायत शासन विभाग ने अपने आदेश में लिखा है नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (6) के तहत सौम्या गुर्जर को न्यायिक जांच होने तक निलंबित किया जाता है।

ठीक 1 साल और 6 महीने पहले (6 दिसम्बर 2019) सौम्या गुर्जर के पति और तत्कालीन करौली जिले की नगर परिषद के सभापति राजाराम गुर्जर को एक कर्मचारी के साथ मारपीट करने के आरोप में निलंबित किया गया था, तो अब 6 जून 2021 को नगर निगम के आयुक्त के साथ गाली-गलौज करने और मारपीट करने के आरोप में राजाराम गुर्जर की पत्नी, यानी जयपुर मेयर सौम्या गुर्जर को भी अशोक गहलोत सरकार ने निलंबित किया है।

भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया के द्वारा इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया है कि सरकार के इस अशोभनीय व्यवहार के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इसके साथ ही राज्य की जनता की अदालत में भी जाने का काम किया जाएगा।

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इसके तहत सोमवार को शाम 5:00 बजे जयपुर के सभी 250 वार्ड के अंदर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद मंगलवार को प्रदेशभर के सभी नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका के वार्डों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

इस मामले में महापौर सौम्या गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने नगर निगम के आयुक्त के साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की है। उन्होंने कहा कि सफाई ठेका कंपनी बीवीजी को भुगतान के मामले में और जयपुर शहर की सफाई नहीं होने को लेकर निगम आयुक्त यज्ञमित्र देव सिंह के साथ मीटिंग में नोकझोंक जरूर हुई थी।