पायलट प्रकरण में गहलोत के मंत्री व पीसीसी चीफ नहीं दे पा रहे जवाब!

जयपुर। सचिन पायलट कैंप के बाड़मेर गुडामालानी सीट से विधायक जीवाराम चौधरी के इस्तीफे के बाद राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार और उनके मंत्री सवालों के घेरे में आ गए हैं।

सचिन पायलट के द्वारा एक दिन पहले ही हेमाराम चौधरी के इस्तीफे को चिंताजनक करार दिया है। हालांकि, इस प्रकरण में सचिन पायलट ज्यादा नहीं बोले हैं, लेकिन उन्होंने कहा है कि पश्चिमी राजस्थान में के भीतर कांग्रेस के सबसे मजबूत व्यक्ति का इस तरह से इस्तीफा होना पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

इधर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के द्वारा एक सवाल के जवाब में कहा गया है कि इस वक्त कोरोनावायरस की वैश्विक महामारी हैज़ उससे निपटने में लगे हुए हैं, सही समय पर सही तथ्य और कागजों समेत इस प्रकरण का जवाब देंगे। इससे समझा जा सकता है कि हरीश चौधरी और हेमाराम चौधरी के बीच में राजनीतिक तौर पर वर्चस्व की जंग जरूर चल रही है।

दूसरी और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि हरीश चौधरी का मामला राजनीतिक तूल देने का नहीं है, बल्कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है। इस इस्तीफे के पीछे अशोक गहलोत की सरकार की नाकामी या काम होना नहीं है, बल्कि दूसरा कारण है।

दूसरी तरफ कांग्रेस आलाकमान के द्वारा पायलट कैंप के चाकसू से विधायक वेद प्रकाश सोलंकी द्वारा पत्रकारों से बात करते हुए इस्तीफा देने की धमकी के प्रकरण में रिपोर्ट मांगी गई है। डोटासरा का कहना है कि इस मामले में आलाकमान के द्वारा जवाब तलब किया गया है, जिसका जल्द जवाब दिया जाएगा।

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