हेमाराम चौधरी के इस्तीफे की असली वजह सामने आई, सचिन पायलट भी रह गए हैरान!

जयपुर। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के करीबी बाड़मेर के गुडामालानी से विधायक हेमाराम चौधरी के द्वारा मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को इस्तीफा दे दिया गया है। विधानसभा की तरफ से जारी एक प्रेस बयान में कहा गया है कि हेमाराम चौधरी का इस्तीफा ईमेल के द्वारा मिला है और उस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे को लेकर एक तरफ जहां सचिन पायलट का कैंप पूरी तरह से हैरान है, तो दूसरी तरफ इस मामले को लेकर अशोक गहलोत गुट की तरफ से सचिन पायलट के खेमे पर गहरी निगाहें गढ़ाई हुई हैं।

गुडामालानी से 6 बार के विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे के बाद राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी में सियासी भूचाल के बीच भाजपा की तरफ से इसको कांग्रेस की अंदरूनी कलह बताकर मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ हेमाराम चौधरी के इस्तीफे की असली वजह जानने के लिए भी कई तरह की बातें हो रही हैं।

सतीश पूनियां व राठौड़ का बयान

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से राज्य में ना कोरोना प्रबंधन संभल रहा और ना कांग्रेस पार्टी। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे से कांग्रेस का अंतर्कलह जनता के सामने आ चुका है, अब अशोक गहलोत इसका दोष किसे देंगे?

विधानसभा सत्र के दौरान भी हेमाराम चौधरी अपनी पीड़ा जाहिर कर चुके थे, जिन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने का मुद्दा भी उठाया था, सड़कों की सीबीआई जांच की मांग भी की थी।

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कांग्रेस के इस अंदरूनी झगड़े के कारण प्रदेश में विकास कार्य नहीं होने से आमजन परेशान है, कर्जमाफी नहीं होने से किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और भर्तियां पूरी नहीं होने से युवा निराश हैं। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के जहाज में सुराख हो चुका है, जिसको डूबने से कोई नहीं बचा सकता है।

सचिन पायलट को भी नहीं लगी सूचना

पूर्व राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी की स्थिति को लेकर जहां राजनीति में बवाल खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि उनके बेहद करीबी युवा विधायक सचिन पायलट को भी इस बात की जानकारी नहीं लगी। जब पायलट को ई-मेल के जरिए हेमाराम चौधरी का इस्तीफा मिला तो उन्होंने फोन करके पूछा तभी हेमाराम चौधरी ने पायलट को बताया कि वह अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज चुके हैं।

गहलोत के बयान से आहत थे

कहा जा रहा है कि हेमाराम चौधरी अशोक गहलोत के बयान से काफी आहत थे। पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस की वर्चुअल बैठक के दौरान अशोक गहलोत ने कहा था कि “उनके विरोधी भी हो तो भी सब को मिलकर काम करना चाहिए”, इससे हेमाराम चौधरी काफी आहत थे।

बाड़मेर प्रशासन हरीश चौधरी के लिए काम करता है

जहां एक तरफ अशोक गहलोत की सरकार में हेमाराम चौधरी की कार्य नहीं होने के कारण उन्होंने अपना दुख विधानसभा के भीतर भी जाहिर किया था या वही बाड़मेर प्रशासन के द्वारा हेमाराम चौधरी के काम नहीं किया जा रहे हैं। पूरा जिला प्रशासन राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के इर्द-गिर्द ही घूमता है।

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मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने से गुस्सा

इसके साथ ही कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच में समझौता हुए 10 महीने पूरे हो चुके हैं, इसके बावजूद भी अशोक गहलोत सरकार के द्वारा मंत्रिमंडल विस्तार नहीं किया जा रहा है। सचिन पायलट कैंप के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के कारण भी हेमाराम चौधरी नाराज थे।

पायलट खेमे पर गहलोत कैम्प ने गढ़ाई निगाहें

वरिष्ठ विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे के बाद सचिन पायलट कैंप की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि कांग्रेस के भीतर अशोक गहलोत 6 मई के द्वारा सचिन पायलट गुट के ऊपर पूरी निगाह लगाई हुई है। पायलट गुट की तरफ से प्रतिक्रिया आने के बाद ही गहलोत की तरफ से कोई रिएक्शन आने की संभावना है।