राजस्थान के मुख्यमंत्री और मंत्री भी नहीं ले पा रहे हैं लॉकडाउन को लेकर फैसला

-तीन दिन से एकदूजे पर टाल रहे हैं मामला। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा एक दिन पहले ही मंत्रिपरिषद की बैठक में तीन मंत्रियों की एक समिति का गठन किया गया था, जिनके द्वारा लॉकडाउन को लेकर फैसला लेने की बात थी।

जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनका पूरा मंत्रिपरिषद मिलकर भी राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर फैसला नहीं ले पा रहे हैं। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीन मंत्रियों का एक समूह बनाया, जिसके द्वारा राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर फैसला लेना था।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा यातायात एवं सैनिक कल्याण मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की अगुवाई में तीन मंत्रियों का एक समूह बनाया गया था।

जिसके द्वारा आज रिपोर्ट सौंपी जानी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही राज्य सरकार प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन लगाने पर फैसला करती, लेकिन तीनों मंत्रियों के द्वारा रिपोर्ट सौंपी गई और उसके साथ ही यह भी कहा गया कि लॉकडाउन लगाने का फैसला मुख्यमंत्री लेंगे।

एक दिन पहले ही जिस तरह से मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यों कि समिति का गठन किया और उसके द्वारा फैसला लिए जाने की बात कही, लेकिन आज तीनों मंत्रियों के द्वारा यही बात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर छोड़ दी गई है। ऐसे में असमंजस यह है कि संपूर्ण योगदान का फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लेंगे या मंत्री समूह लेगा?

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में तेजी से कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना लागू करने का दावा कर रही है, लेकिन बार-बार मेल भेजने के बावजूद निजी अस्पताल चिरंजीवी योजना लागू करने पर फैसला नहीं ले पा रहे हैं। इससे राज्य के मरीजों में असमंजस बना हुआ है।

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