वसुंधरा नहीं करेंगी उपचुनाव में प्रचार

-प्रदेश की तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पुत्रवधू के खराब स्वास्थ्य के चलते वे उपचुनाव के राजनीतिक कार्यक्रम से भी दूर ही रहने वाली हैं।

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे एक बार फिर चर्चा में हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजे अब शायद ही उपचुनाव के कार्यक्रमों में नजर आएंगी।

इससे पहले जब भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन कार्यक्रम हुआ था, तब पार्टी की ओर से जारी अधिकृत पोस्ट में शामिल पोस्टर्स से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का फोटो गायब थे।

रैली के दौरान किसी भी मंच पर जो होर्डिंग लगाए हुए थे, उसमें भी वसुंधरा राजे का फोटो नहीं था। इस विषय पर प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल ने यह साफ कहा था कि पार्टी की ओर से निर्धारित दिशा निर्देश के अनुरूप ही पोस्टर्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां और प्रदेश में यदि मुख्यमंत्री भाजपा का है तो उनका फोटो, वरना नेता प्रतिपक्ष का फोटो लगाया जाना है।

पार्टी में अध्यक्ष का फोटो आ गया तो मानो सब नेता व कार्यकर्ताओं का फोटो आ गया। गोठवाल का कहना है कि भाजपा एकजुट है।

लेकिन यह बात और है कि इस तीन सीटों के उपचुनाव की पूरी प्रक्रिया में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की भागीदारी भी लगभग गौण ही रखी गई, जो सीधे तौर पर यह दिखाता है कि प्रदेश संगठन और राजे के बीच में फिलहाल सब कुछ सही नहीं चल रहा।

पिछले दिनों राज्य में विधानसभा सत्र के दौरान कोटा में वसुंधरा राजे समर्थकों के बयान और फिर जयपुर में विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के आए बयानों ने यह साफ कर दिया था कि राजस्थान भाजपा में भी सब एकजुट नहीं, बल्कि अलग-अलग खेमों में बैठे हुए हैं।

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बताया जा रहा है कि राजे की बहू काफी बीमार हैं, इसलिए उपचुनाव में वह हिस्सा नहीं ले पाएंगी।

यह भी कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे की जगह पार्टी अब महिला चेहरे के तौर पर दीया कुमारी को आगे बढ़ा रही है, जो राजसमंद से पार्टी की सांसद हैं और प्रदेश महामंत्री हैं।