भाजपा सरकार की एंटी इनकंबेंसी और तमाम रणनीति अपनाएगी!

जयपुर। राजस्थान में 3 सीटों पर उपचुनाव 17 अप्रैल को होने जा रहे हैं, जिसको लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।

उपचुनाव के रण में भले ही अब तक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नजर ना आई हों, लेकिन 2013 से 2018 तक उनके घोर विरोधी माने जाने वाले घनश्याम तिवाड़ी भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार राजनीतिक मंच पर नजर आए।

घनश्याम तिवाड़ी सुजानगढ़ में भाजपा प्रत्याशी के नामांकन कार्यक्रम में भाजपा नेताओं के साथ मंच पर दिखे। पिछले साल 12 दिसंबर को भाजपा में शामिल होने के बाद घनश्याम तिवाड़ी राजनीतिक गलियारों से पूरी तरह गायब हो गए थे, लेकिन एकाएक सुजानगढ़ उपचुनाव में भाजपा के चुनावी सभा में मंच साझा करते नजर आए।

खास बात यह है मंच पर उनकी घोर विरोधी पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे नहीं थी और ना ही वहां लगे बैनर होर्डिंग और पोस्टर में वसुंधरा राजे की तस्वीर थी।

तिवाड़ी को मंच पर भी जगह मिली और संबोधन का मौका भी मिला। वह मंच पर प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ के साथ सबसे आगे की लाइन में बैठे हुए थे। घनश्याम तिवाड़ी प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह से बातचीत करते नजर आए।

पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान जब घनश्याम तिवाड़ी ने अपने खुद का राजनीतिक दल दीनदयाल वाहिनी बनाई थी, तब शेखावटी क्षेत्र में उन्होंने कई बड़े चुनावी कार्यक्रम किए थे।

ऐसे में जब शेखावाटी क्षेत्र में आने वाली इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव है तो प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने तिवाड़ी को यहां होने वाले चुनावी कार्यक्रम में आमंत्रित किया, ताकि तिवाड़ी के प्रभाव का फायदा भाजपा को मिल सके।

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सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब कांग्रेस सरकार के खिलाफ बने माहौल का भाजपा फायदा लेने की कोशिशों में जुटी है तो कांग्रेस भी वसुंधरा राजे के पोस्टर गायब होने का मामला सोशल मीडिया पर जोर शोर से उठाने लगी है।

संगठन की बात कहने वाली भाजपा के नेताओं ने राजे को लेकर कोई जवाब नहीं दिया है, इधर 5 राज्यों के चुनाव में भी वसुंधरा राजे को पूरी तरह से दरकिनार कर रखा है। बहरहाल, भाजपा, कांग्रेस, रालोपा अपने-अपने उम्मीदवारों के जीतने का दावा कर रही हैं।