राजसमंद, सुजानगढ़ में भाजपा मजबूत, सहाड़ा में फंसी बीजेपी

जयपुर। राजस्थान के चुरू जिले के सुजानगढ़, राजसमंद जिले की राजसमंद और भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा सीट पर 17 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए आज तीनों ही प्रमुख दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नामांकन पत्र भर दिए हैं।

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से सुजानगढ़ में खेमाराम मेघवाल को उम्मीदवार बनाया है। उनके नामांकन पत्र दाखिल करने के वक्त पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, राष्ट्रीय मंत्री अलका सिंह गुर्जर, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

इसी तरह से राजसमंद की राजसमंद सीट पर दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है। उनके नामांकन पत्र दाखिल करने के वक्त आयोजित रैली में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया सहित कई नेताओं ने शिरकत की।

भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा सीट पर भाजपा की तरफ से रतन लाल जाट को प्रत्याशी बनाया गया है। आखिरी तारीख होने के कारण पार्टी के उम्मीदवार रतन लाल जाट ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। यहां से भाजपा में बगावत कर लादू लाल पीतलया ने भी नामांकन पत्र भरा है।

लादू लाल पिता लिया भाजपा के ही नेता रहे हैं, किंतु टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होंने दिसंबर 2018 में भी बगावत कर दी थी और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसके कारण भाजपा को यहां पर हार का मुंह देखना पड़ा, यहां कांग्रेस के कैलाश त्रिवेदी विधायक बने थे। जिनका अक्टूबर के महीने में कोरोना के कारण निधन हो गया था।

यह भी पढ़ें :  जयपुर से अचानक धौलपुर मुड़ गई वसुंधरा राजे की गाड़ी

कांग्रेस पार्टी के द्वारा सुजानगढ़ से दिवंगत विधायक मास्टर भंवरलाल मेघवाल के बेटे मनोज कुमार मेघवाल को अपना प्रत्याशी बनाया गया है। इसी तरह से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के द्वारा सीताराम नायक को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया गया है। दोनों के द्वारा अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए गए हैं।

सुजानगढ़ से कांग्रेस के द्वारा दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री देवी को प्रत्याशी बनाया गया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने यहां पर बद्रीलाल जाट को टिकट देकर मैदान में उतारे हैं। दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों ने भी मंगलवार को अपने नामांकन पत्र भरे हैं।

ठीक इसी तरह से राजसमंद की सीट पर कांग्रेस पार्टी के द्वारा तनसुख बोहरा को अपना उम्मीदवार बनाया है। यहां पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने प्रह्लाद – को टिकट दिया है दोनों ही दलों के नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए और अपनी-अपनी जीत के दावे भी किए हैं।

दलों की राजनीतिक स्थिति और वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से देखा जाए तो सुजानगढ़ की सीट पर भाजपा दोनों ही दलों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। ठीक इसी तरह से राजसमंद की सीट पर भी दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी दिप्ती माहेश्वरी के जीतने की संभावनाएं दिखाई देने लगी है।

भीलवाड़ा के सहाड़ा विधानसभा सीट भाजपा के उम्मीदवार रतन लाल जाट के लिए आगे का रास्ता कठिन दिखाई दे रहा है, क्योंकि एक तरफ जहां दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री देवी को कांग्रेस ने टिकट देकर जनता की भावनाओं के सहारे जीत की उम्मीद लगाई है। दूसरी तरफ भाजपा के ही बागी लादू लाल के द्वारा निर्दलीय उम्मीदवार बनने से पार्टी को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें :  राजस्थान में कांग्रेस रूपी संक्रमण ज्यादा दिन का मेहमान नहीं: पूनियां

सहाड़ा में ही राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के द्वारा बद्री लाल जाट को टिकट दिया गया है। माना जा रहा है कि हनुमान बेनीवाल के सहारे जहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सहाड़ा में जाट वोट बैंक पर नजर गढ़ाए हुई है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी में नाराज गुर्जर वोटर्स को भी अपनी तरफ खींचने की कोशिश में पार्टी जुटी हुई है।

हालांकि कांग्रेस पार्टी में पूर्व उपमुख्यमंत्री और पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट कांग्रेस और अशोक गहलोत के साथ दिखाई दे रहे हैं, किंतु जिस तरह की प्रतिक्रिया गुर्जर समाज से मिल रही है, उससे साफ है कि राज्य में गुर्जर वोटर से कांग्रेस पार्टी को वोट देने के मूड में नहीं हैं।