भाजपा की दीप्ती माहेश्वरी, रतनलाल जाट, खेमाराम मेघवाल उम्मीदवार

जयपुर। अगले महीने की 17 तारीख को राजस्थान के 3 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की तरफ से गुरुवार देर शाम अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है।

राजसमंद जिले की राजसमंद विधानसभा सीट पर दिवंगत भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी दिप्ती माहेश्वरी को उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह से भीलवाड़ा की सहाड़ा विधानसभा सीट पर दिसंबर 2018 के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार कैलाश त्रिवेदी के सामने चुनाव हारने वाले पूर्व मंत्री डॉ. रतनलाल जाट को दोबारा मौका दिया गया है।

यही कहानी चुरू जिले के सुजानगढ़ सीट के लिए अपनाई गई है, यहां पर भी खेमाराम मेघवाल जो कि दिसंबर 2018 में चुनाव हार चुके उनको एक बार फिर से अवसर देते हुए प्रत्याशी बनाया गया है।

राजसमंद विधानसभा सीट पर किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी को टिकट देकर भाजपा के द्वारा जहां एक और अपने को वोट बैंक राजपूत, जाट, ब्राह्मण, जैन, माहेश्वरी समाज को पुख्ता रखने का काम किया गया है तो साथ ही यहां पर किरण माहेश्वरी के निधन के बाद क्षेत्र के मतदाताओं की संवेदनाएं हासिल करने की कोशिश भी की गई है।

माना जा रहा है कि राज्य में भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया के द्वारा ही दीप्ति माहेश्वरी का नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया था, क्योंकि पिछले दिनों कोर कमेटी के द्वारा सतीश पूनिया को तीनों ही सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के लिए फ्री हैंड दे दिया गया था।

इसी तरह से सहाड़ा की विधानसभा सीट पर भी डॉ रतनलाल जाट को टिकट देकर पार्टी ने उन पर ने केवल विश्वास जताया है, बल्कि यहां के सबसे बड़े वोट बैंक जाट, गुर्जर और भील मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के साथ ही ब्राह्मण वोटर्स में सेंधमारी करने की कोशिश की गई है, क्योंकि डॉ रतनलाल जाट को एक बुद्धिजीवी व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है।

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चुरू जिले की सुजानगढ़ सीट पर भी पार्टी के द्वारा संगठन के प्रत्याशी हेमाराम मेघवाल को फिर से उम्मीदवार बनाकर संगठन ने भरोसा जताने की कोशिश की है। पिछले चुनाव में वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ बनी एंटी इनकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) का फायदा उठाते हुए कांग्रेस के प्रत्याशी मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार मामला उलट होता हुआ दिखाई दे रहा है।

ऐसे में भाजपा के द्वारा खेमाराम मेघवाल पर फिर से विश्वास जताया गया है। तीनों ही उम्मीदवारों को संगठन के उम्मीदवार माने जा रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया की इच्छा स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रही है। पार्टी इन तीनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है तो निश्चित ही सतीश पूनिया का कद बड़ा होगा।