राजस्थान के गुर्जर कांग्रेस को वोट नहीं देंगे

जयपुर। राजस्थान में चूरू की सुजानगढ़, भीलवाड़ा की सहाड़ा और राजसमंद की राजसमंद सीट पर 17 अप्रैल को उपचुनाव के लिए मतदान होगा, जिसका परिणाम 2 मई को घोषित किया जाएगा। राज्य में प्रमुख दलों में भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी इसके लिए जम कर पसीना बहा रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव को लेकर तकरीबन पिछले 2 महीने से ताबड़तोड़ बैठकर कर रही हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री व प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर समेत तमाम नेता इस चुनाव को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।

सतीश पूनिया के द्वारा एक दिन पहले ही गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से उनके निवास पर जाकर मुलाकात की गई। सतीश पूनिया के द्वारा कर्नल बैंसला के बेटे विजय सिंह बैंसला को इन चुनावों में स्टार प्रचारक बनाने की योजना है।

दिसंबर 2018 में कांग्रेस पार्टी के द्वारा सत्ता प्राप्त करने के साथ ही सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, जिसके चलते राजस्थान का गुर्जर समाज कांग्रेस पार्टी से बुरी तरह से नाराज है और इसका फायदा निश्चित रूप से भाजपा उठाना चाहेगी।

खास बात यह है कि एक तरफ जहां भाजपा तमाम तरह की रणनीति बनाने में जुटी हुई है, तमाम नेता प्रचार के लिए लगे हुए हैं, संगठन की बैठक में हो रही हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी आपस में ही लड़ने लगी है।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन 2 दिन से राजस्थान में हैं। एक दिन पहले ही अजय माकन ने पार्टी कार्यालय में बैठक की हैं। आज भी अजय माकन कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक करने में व्यस्त हैं, जबकि अशोक गहलोत के साथ ही मुख्यमंत्री निवास पर बैठक कर चुके हैं।

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कांग्रेस के दिग्गज नेता और गुर्जर समाज से आने वाले वरिष्ठ विधायक जितेंद्र सिंह के द्वारा भीलवाड़ा के सहाड़ा में जाकर लोगों से मिलने के बाद अशोक गहलोत के बेहद करीबी मंत्री रघु शर्मा के द्वारा नाराजगी जाहिर की गई है। जबकि, जितेंद्र सिंह का कहना है कि सहाड़ा में मेरा ननिहाल है और वहां पर गया था। जितेंद्र सिंह गुर्जर समाज से आते हैं और माना जा रहा है कि सचिन पायलट के छह में छह होने के कारण उनके द्वारा अशोक गहलोत के गुट को इस चुनाव में सहयोग नहीं किया जाएगा।

एक तरफ जहां कांग्रेस के संगठन से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट नाराज हैं। इसलिए गुर्जर समाज भी इस चुनाव में कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहता है तो दूसरी तरफ जितेंद्र सिंह जैसे तमाम गुर्जर नेता कांग्रेस पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने लगे हैं। इसी तरह से भाजपा अध्यक्ष सतीश होने के द्वारा कर्नल बैंसला से मुलाकात करके अपनी तरफ मोड़ने की कोशिश की गई है।

गुर्जर समाज के पूर्वी राजस्थान से आने वाले कई नेताओं के द्वारा इसी सिलसिले में सतीश पूनिया का आज भाजपा मुख्यालय में भव्य स्वागत किया गया है। तमाम चीजें ऐसी हैं, जिनके कारण साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि इन 3 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में गुर्जर समाज कांग्रेस पार्टी को वोट नहीं देगा।