सचिन पायलट के साथी विधायक हेमाराम चौधरी ने कहा “दुश्मनी मेरे से है तो मुझसे निकालिए, जनता से नहीं”

जयपुर। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार और कांग्रेस पार्टी के भीतर विग्रह का खेल खत्म नहीं हो रहा है। सचिन पायलट के खेमे से माने जाने वाले गुडामालानी के विधायक हेमाराम चौधरी ने सदन में अशोक गहलोत की जमकर खिंचाई की।

हेमाराम चौधरी ने गुडामालानी क्षेत्र में विकास के कार्यों में सरकार के द्वारा किए जा रहे भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता ने कांग्रेस पार्टी को वोट दिया है, अगर सरकार को उन से दुश्मनी है तो उन्हीं से निकाले क्षेत्र की जनता से नहीं निकाले।

अपने करीब 20 मिनट के उद्बोधन में हेमाराम चौधरी ने गुडामालानी क्षेत्र में पिछले ढाई साल के दौरान एक भी सड़क नहीं बनाने, अनुसूचित जनजाति का छात्रावास, जो कि पिछली सरकार के द्वारा खोलने का प्रस्ताव दिया गया था, उसको भी वर्तमान सरकार द्वारा निरस्त किए जाने और सड़कों के मामले में बड़े भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करते हुए इसकी सीबीआई जांच करवाने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि हेमाराम चौधरी को सचिन पायलट के खेमे से माना जाता है। जब अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच राजनीतिक तौर पर लड़ाई शुरू हुई थी, तब हेमाराम चौधरी भी सचिन पायलट के साथ 1 महीने तक मानेसर स्थित होटल में रहे थे।

इससे पहले भी हेमाराम चौधरी के द्वारा पिछले साल मार्च के विधानसभा सत्र के दौरान भी उनके कोई काम नहीं होने का मामला उठाया गया था। उन्होंने कहा था कि कॉन्स्टेबल तक का ट्रांसफर उनके कहने से नहीं होता है। ऐसे में उनका माने विधायक पद से इस्तीफा देने का है।

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