सचिन पायलट समर्थकों को प्रियंका गांधी वाड्रा दिलाएंगी हक

जयपुर। सचिन पायलट और उनके समर्थकों की नाराजगी को लेकर कांग्रेस पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के द्वारा राजस्थान की कांग्रेस से पायलट के समर्थक विधायकों की शिकायतों के मामले में रिपोर्ट मांगी गई है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पायलट समर्थकों रमेश मीणा, मुरारी लाल मीणा, वेद प्रकाश सोलंकी समेत सभी विधायकों की जो भी शिकायतें हैं, उनके बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों पूर्व मंत्री रमेश मीणा और विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी के बीच टकराव हुआ था। दोनों के बीच विधानसभा के भीतर हुई तकरार के बाद रमेश मीणा ने विधानसभा के बाहर आकर पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि उनके साथ विधानसभा में बैठने की व्यवस्था में भी भेदभाव हो रहा है।

इसके साथ ही रमेश मीणा ने कहा था कि उन्होंने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है। अगर राहुल गांधी उनसे मिलते हैं उस शिकायतों का निवारण करते हैं तो ठीक है अगर नहीं मिलते हैं और उनकी शिकायतों का निराकरण नहीं होता है तो निश्चित रूप से वह इस्तीफा दे देंगे।

रमेश मीणा के अलावा मुरारी लाल मीणा ने भी कहा है कि पूर्वी राजस्थान से जहां कांग्रेस को सर्वाधिक सीटें मिली थीं, वहां पर विकास के मामले में भेदभाव हो रहा है। रमेश मीणा ने यह भी कहा था कि जोधपुर और कोटा में विकास की गंगा बह रही है, जबकि दूसरे जिलों में विकास के मामले में भारी भेदभाव किया जा रहा है।

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इसी तरह से चाकसू के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले विधायक कांग्रेस को सर्वाधिक वोट दिलाते हैं और उनके लिए विधानसभा में बैठने की ऐसी व्यवस्था की गई है, ताकि वे अपनी बात नहीं रख सकें, किसी को भी माइक उपलब्ध नहीं करवाया गया है

इस बीच सचिन पायलट की तरफ से किसी तरह का कोई बयान नहीं दिया गया है, लेकिन अशोक गहलोत के मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और हरीश चौधरी ने कहा है कि किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा है और अगर हो भी रहा है तो पार्टी फॉर्म के भीतर बात की जा सकती है, सार्वजनिक ग्रुप से नहीं की जाती है।