पायलट समर्थक 3 विधायकों के इस्तीफे का मामला दिल्ली पहुंचा, कांग्रेस में मचा हड़कंप

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट के समर्थक 3 विधायकों के द्वारा विधानसभा के भीतर बैठने की व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद प्रदेश कांग्रेस समेत कांग्रेस आलाकमान में हड़कंप मचा हुआ है। यह प्रकरण अब दिल्ली के कांग्रेस दरबार में पहुंच गया है।

महेश जोशी प्रभारी अजय माकन से मिले

सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी सचिन पायलट के साथ ही विधायक रमेश मीणा, मुरारी लाल मीणा और वेद प्रकाश सोलंकी के द्वारा बैठने की व्यवस्था में किए गए भेदभाव को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद दिल्ली में प्रदेश प्रभारी अजय माकन के पास पहुंचे हैं।

कांग्रेस पार्टी में मचा हड़कंप

महेश जोशी ने अजय माकन से मिलकर बैठने की व्यवस्था की गई है, उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही जब पूर्व मंत्री उमेश मीणा के द्वारा कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा गया था और समय नहीं देने पर इस्तीफा देने की धमकी दी गई थी, उसके बाद कांग्रेस में भयानक तूफान आया हुआ है।

50 विधायकों के बैठने की व्यवस्था बदली गई है

आपको बता दें कि कोरोनावायरस की वैश्विक महामारी के चलते मौजूदा बजट सत्र में विधानसभा के भीतर 50 विधायकों के बैठने की व्यवस्था बदली गई है। इन विधायकों को ऐसी सीटों पर बैठाया गया है, जहां पर बोलने के लिए माइक नहीं हैं।

सत्ताधारी पार्टी के विधायकों को नहीं बोलने दिया जा रहा है

3 दिन पहले ही पूर्व मंत्री रमेश मीणा के द्वारा प्रश्नकाल में प्रश्न पूछे जाने के वक्त विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के साथ जोरदार तकरार हुई थी। उसके बाद सीपी जोशी ने रमेश मीणा को बोलने नहीं दिया। इस प्रकरण को लेकर रमेश मीणा, मुरारी लाल मीणा और वेद प्रकाश सोलंकी ने सरकार के मुख्य सचेतक पर भेदभाव करने का आरोप लगाया था।

यह भी पढ़ें :  सतीश पूनिया और लालचंद कटारिया ने अपने क्षेत्र की जनता को मास्क और सेनीटाइजर्स बांटने के लिए दिए पैसे

आरक्षित वर्ग के विधायकों के साथ भेदभाव

पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि जिन विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है, उनमें से एससी, एसटी और अल्पसंख्यक समुदाय के आने वाले विधायक हैं और जानबूझकर इनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, ताकि बोलने से रोका जा सके।

इस्तीफा देने की धमकी

इसके साथ ही रमेश मीणा, मुरारी लाल मीणा और वेद प्रकाश सोलंकी की तरफ से गहरी आपत्ति जताई गई थी। रमेश मीणा ने यहां तक कहा था कि अगर राहुल गांधी के द्वारा उनको मिलने का समय नहीं दिया गया तो वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे।

विधानसभा क्षेत्र में नहीं हो रहे कार्य

इसी तरह से मुरारी लाल मीणा के द्वारा सरकार के ऊपर भेदभाव करते हुए उनके विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य रोकने के आरोप लगाए गए थे। साथ ही यह भी कहा गया था कि उनके विधानसभा क्षेत्र में होने वाले कार्यो की जानकारी उनको होती ही नहीं है। ऐसे में उनका जनप्रतिनिधि होने का मतलब ही क्या है।

अशोक गहलोत के लोग हुए परेशान

सचिन पायलट खेमे के इन विधायकों के द्वारा बगावती तेवर अपनाए जाने के बाद राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार और कांग्रेस पार्टी में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है। इसी का नतीजा है कि सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी दिल्ली जाकर अजय माकन को सफाई दे रहे हैं।