पंचायत सहायकों का मानदेय होगा 6000 से 12000 प्रतिमाह

-24578 कार्यरत पंचायत सहायकों के मानदेय के लिए 389 करोड की फाइल भेजी गई राज्य सरकार के पास, कुल 27000 पंचायत सहायकों की प्रक्रिया है प्रक्रियाधीन।

जयपुर।
पिछले 4 साल से राज्य की पंचायत और स्कूलों में सेवा दे रहे 24578 पंचायत सहायकों के मानदेय वृद्धि के लिए पंचायती राज विभाग ने वित्त विभाग को 389 करोड़ की फाइल भेजी है।

वर्तमान में पंचायत सहायकों को मात्र ₹6000 मिल रहे हैं, लेकिन वह भी कोई दो-तीन पांच महीनों बाद मिलते हैं, जिसके कारण जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा है। अब पंचायती राज विभाग ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए प्रतिमाह ₹12000 का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है।

राजस्थान विद्यार्थी मित्र पंचायती राज संगठन के संयोजक अशोक सिहाग का कहना है कि हालांकि, महंगाई को देखते हुए ₹12000 भी बहुत कम हैं, परंतु इससे एक गरीब पंचायत सहायक अपना गुजारा कर पाएगा।

अशोक सिहाग का कहना है कि विभाग ने भेजे गए प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से यह स्वीकार किया है कि वर्तमान में पंचायत सहायकों को जो ₹6000 मिल रहे हैं, वह न्यूनतम मजदूरी से भी कम हैं।

राजस्थान विद्यार्थी मित्र पंचायत सहायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र चौधरी का कहना है कि सरकार न्यूनतम मानदेय महंगाई को देखते हुए कम से कम ₹18000 करें,
पंचायत सहायकों का नियमितीकरण करें, न्यायालय में चल रहे मामलों का निस्तारण करें, वंचित विद्यार्थी मित्रों के लिए पंचायत राज परिषद द्वारा पंचायत सहायक के पदों में वृद्धि के भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकार करके उनको पंचायत सहायक पद पर नियुक्ति दे, अगर सरकार यह सब नहीं कर सकती तो पूर्व में रद्द की गई शिक्षा सहायक भर्ती को रिओपन करें और उसमें पंचायत सहायकों को मौका दें स्थायीकरण का काम करे। इन सभी मांगों के लिए 15 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

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