वसुंधरा राजे की ललकार: शक्ति प्रदर्शन नहीं, यह भक्ति प्रदर्शन है

राजे बोलीं: इस कार्यक्रम में राजनीति नहीं, धर्म नीति है, सरकार में धर्मनीति पर चलने वाले लोग नहीं, सरकार अपनी ही राजनीति में फँसी हुई है, इसलिय प्रदेश का विकास थम गया, अँधेरा छँटेगा, राजस्थान में फिर से कमल खिलेगा।

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का आज जन्मदिन है। वसुंधरा राजे ने भरतपुर के आदि बद्रीनाथ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा के भीतर बैठे उन लोगों पर हमला किया जो लगातार वसुंधरा राजे की राजनीति “चुक” चुकी है, कहकर उनके ऊपर तंज कसते हैं।

सभा को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि मेरे जन्मदिन और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के साथ-साथ पन्नाधाय की भी जयंती है। ऐसी वीरांगना को मैं नमन करती हूँ।

प्रदेशभर से इतनी भारी संख्या में लोग मुझे जन्म दिवस की शुभकामनाएँ देने आये उन सब की में दिल से आभारी हूँ।

कई लोग इस कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के चश्मे से देख रहे हैं, शायद उन्हें जानकारी नहीं है यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, यह भक्ति प्रदर्शन है।

आज का यह कार्यक्रम एक सुखद संयोग है। आज मेरे विधायिका के 36 साल पूरे हो रहे हैं। आज के दिन मैं पहली बार विधायक बनी थीं। तब से लेकर आज तक इन 36 सालों में प्रदेश की 36 की 36 कौमों ने मुझे दिल खोल कर प्यार और स्नेह दिया।

मुझे पूरा विश्वास है कि यही प्यार और स्नेह मुझे मिलता रहेगा। इस स्थान पर यह कार्यक्रम रखने का एक उद्देश्य यह भी रहा कि मैं 8 मार्च 1985 को भरतपुर साम्भाग के धौलपुर से विधायक चुनी गई।

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इस कार्यक्रम में राजनीति नहीं, धर्म नीति है, जिसके मार्ग पर में आरम्भ से ही चलती आयी हूँ। मेरी धर्म नीति है 36 की 36 कौमों का विकास और 36 की 36 कोमो का ही विश्वास। जब तक प्राण है मैं 36 की 36 कौमों के लिए संघर्ष करती रहूँगी।

क्योंकि मेरी माताजी विजयाराजे सिंधिया ने मुझे धर्मनीति के मार्ग पर ही चलना सिखाया है। उन्हीं से प्रेरित हो कर मैंने राजस्थान को एक धार्मिक प्रदेश बनाने का प्रयास किया।

हमारी सरकार ने क़रीब 550 Cr. की लागत से 125 मंदिरों का विकास तथा 110 Cr की लागत से करीब 40 महापुरुषों और देवी-देवताओं के पैनोरमा का निर्माण करवा कर राजस्थान में धार्मिक पर्यटन स्थापित किया।

अब सरकार में धर्मनीति पर चलने वाले नहीं, राजनीति पर चलने वाले लोग बैठे हैं, जो विकास में राजनीति करते हैं।
सरकार अपनी ही राजनीति में फँसी हुई है, इसलिए राजस्थान का विकास रुक गया है।


राजे ने आगे कहा कि, आप चिंता ना करें अटल जी ने कहा था “अँधेरा छँटेगा-कमल खिलेगा।” हम राजस्थान में फिर से कमल खिलाएँगे। एक तरह से वसुंधरा राजे ने अपने इरादे स्पष्ट करते हुए कह दिया कि 2023 में एक बार फिर से राजस्थान की मुख्यमंत्री बनने वाली हैं।