भाजपा नेत्री, राजसमन्द सांसद, पूर्व जयपुर राजघराने की सदस्य दीया कुमारी के लोगों ने पुजारी को पूजा से रोका

-कोर्ट के आदेश के बावजूद मंदिर में सेवा-पूजा करने से रोकने का प्रकरण, पुजारी ने न्याय की लगाई गुहार

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर जिले के जमवारामगढ थाना इलाके में स्थित प्राचीन जमवाय माता के मंदिर के पुजारी भगवती प्रसाद शर्मा को अदालत के स्थगन/स्टे आदेश के बावजूद सेवा पूजा करने से रोकने एवं दुर्व्यवहार करने का मामल सामने आया है।

इस संदर्भ में पुजारी ने जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से पुजारी परिवार द्वारा न्याय की गुहार लगाते हुये प्रार्थना पत्र दिया गया है।

प्रार्थना पत्र में पुजारी भगवती प्रसाद शर्मा का कहना है कि 6 मार्च को ओसरेदार पुजारी का ओसरा का टर्न उसका था।

कोर्ट के आदेश की पालना में वे मंदिर में सेवा-पूजा करने गए, वहां जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सुरक्षाकर्मियों ने ओसरा नहीं करने दिया तथा धक्का-मुक्की कर दुर्व्यवहार किया एवं जबरन मंदिर से निकाल दिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस भी न्यायालय के आदेश की पालना नहीं करवा सकी और मूकदर्शक बनी रही। पीड़ित प्रार्थी का यह भी कहना है कि पीढ़ियों से वे सेवा-पूजा करते आ रहे हैं।

मंदिर परिसर के एक कमरे में प्रार्थी का सामान भी रखा हुआ है। अन्य ओसरेदारों के विवाद करने पर एक वाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।

जिसमें कोर्ट ने 04 अक्टूबर, 2017 को स्थगन आदेश जारी कर किसी भी दिगर व्यक्ति/विपक्षीगण को सेवा पूजा में बाधा नहीं डालने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने प्रत्येक पुजारी को टर्न-टर्न अनुसार सेवा-पूजा करने के लिए पाबन्द किया था।

प्रार्थी ने रिपोर्ट में जगदीश सिंह राठौड़, गजेन्द्र सिंह, हिम्मत सिंह, सुखवीर, हंसराज गुर्जर, नरपत सिंह, महेन्द्र सिंह, इन्द्रसिंह, अभिमन्यू सिंह सहित अन्य पर कोर्ट के आदेश की पालना नहीं करने का आरोप लगाया है।

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कहा गया है कि आरोपियों ने कोर्ट के संबंध में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, कहा पूर्व राजपरिवार की सदस्य एवं सांसद दीया कुमारी ने उन्हें स्पष्ट रूप से मंदिर में प्रवेश करने से रोकने के आदेश दे रखे हैं। धक्का-मुक्की एवं दुर्व्यवहार से पुजारी की तबीयत भी खराब हो गई, बाद में उन्हें एसएमएस अस्पताल ले जाया गया।

पुजारी के पुत्र विष्णु शर्मा एवं एडवोकेट विनोद जैन ने बताया कि अदालत का स्थगन आदेश आज दिन तक प्रभावी है। जमवारामगढ थाना इन्चार्ज को भी उपरोक्त घटना से अवगत करवाते हुए रिपोर्ट की प्रति दी गई है।