जयपुर से अचानक धौलपुर मुड़ गई वसुंधरा राजे की गाड़ी

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और ग्वालियर राजघराने के महाराजा रहे जीवाजी राव सिंधिया व राजमाता विजय राजे सिंधिया की बेटी वसुंधरा राजे सिंधिया का 8 मार्च को जन्मदिन है।

वसुंधरा राजे के जन्मदिन के अवसर पर सबसे पहले 7 मार्च को उत्तर प्रदेश के गिरिराजजी महाराज के यहां पर पूजा अर्चना करने के साथ ही शक्ति प्रदर्शन करने का इरादा था। इसके बाद दूसरे दिन, यानी 8 मार्च को भरतपुर में भव्य तरीके से जन्मदिन मनाने का प्रोग्राम था।

इसके साथ ही 9 मार्च को वसुंधरा राजे करीब 1000 गाड़ियों के साथ भरतपुर से जयपुर काफिले के रूप में रवाना होना चाहती थीं, किंतु भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा वसुंधरा राजे की गाड़ी को जयपुर से धौलपुर मोड़ दिया गया।

बताया जाता है कि गाड़ियां एकत्रित करने के लिए बकायदा पूर्व मंत्री यूनुस खान और भाजपा के ही प्रदेश अध्यक्ष रहे अशोक परनामी के द्वारा मंडल स्तर के तमाम नेताओं को पैसा देकर भीड़ इकट्ठी करने का टारगेट दिया गया था।

इसके साथ ही वसुंधरा राजे के खेमे के द्वारा 9 तारीख से ही राजस्थान के तकरीबन सभी धार्मिक स्थलों की यात्रा शुरू करने की योजना थी। इसके जरिए वसुंधरा राजे प्रदेश भर में शक्ति प्रदर्शन करना चाहती थीं।

किंतु पिछले दिनों ही पहले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह जयपुर आए और उन्होंने पत्रकारों के सामने बात करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि धार्मिक यात्रा निकालने का काम साधु संतों का होता है राजनेताओं का नहीं होता है।

इसके बाद इसी महीने की 2 तारीख को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का एकदिवसीय जयपुर प्रवास हुआ इस दौरान जेपी नड्डा ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को बिरला ऑडिटोरियम में संबोधित किया, जहां पर खुद नड्डा के अलावा संगठन महामंत्री अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा के तमाम नेता मौजूद थे।

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भाजपा सूत्रों का दावा है कि वसुंधरा राजे की धार्मिक यात्रा पर ब्रेक तभी लग गया था, जब अरुण सिंह के द्वारा पत्रकारों को स्पष्ट रूप से जवाब देते हुए कहा था कि धार्मिक यात्रा निकालने का काम साधु संतों का है, नेताओं का नहीं, किंतु इसके बावजूद वसुंधरा राजे का प्रोग्राम नहीं बदला था।

फिर जेपी नड्डा के द्वारा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करने के दौरान इशारों ही इशारों में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को स्पष्ट संदेश दे दिया गया कि अगर राष्ट्रीय नेतृत्व के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों को नहीं माना गया और यात्रा निकाली गई तो भविष्य में राजनैतिक तौर पर उनको बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

शायद यही कारण है कि वसुंधरा राजे का आज, यानी 7 मार्च को गिर्राज महाराज के पूजा अर्चना करने के बाद कल भरतपुर में अपना जन्मदिन मनाने के बाद कल शाम को ही वसुंधरा राजे का हेलीकॉप्टर जयपुर आने के बजाय धौलपुर महल को चला जाएगा।