BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सबको साथ लेकर चलने का संदेश सतीश पूनियां को दिया या वसुंधरा राजे?

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगलवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर जयपुर पहुंचे। पहले उनका सुबह 10:00 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने का कार्यक्रम था, लेकिन करीब एक घंटे बाद 11:00 बजे आए, तब तक भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह, अर्जुन राम मेघवाल, कैलाश चौधरी, संगठन मंत्री चंद्रशेखर के अलावा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह भी जेपी नड्डा का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पर इंतजार करते रहे।

नड्डा के जयपुर एयरपोर्ट पर उतरते ही तकरीबन पूरी कोर कमेटी के सदस्यों के द्वारा उनका स्वागत किया गया और इसके बाद उनके स्वागत की भव्य यात्रा जयपुर एयरपोर्ट से लेकर बिरला ऑडिटोरियम तक निकली, जिसमें रास्ते में पार्टी के तमाम मोर्चों के द्वारा अलग-अलग जगह पर जबरदस्त स्वागत किया गया।

आपको बता दें कि जब जेपी नड्डा के स्वागत के लिए सभी नेता एक लॉज में बैठे हुए थे, तब वसुंधरा राजे अपने समर्थक माने जाने वाले कालीचरण सराफ, अशोक लाहोटी, राजपाल सिंह शेखावत और अशोक परनामी के साथ दूसरी लॉज में बैठी हुई थीं, जहां से उनको बुलाकर लाया गया कि जेपी नड्डा इस लॉज से नहीं आएंगे, बल्कि बाकी जो दूसरे नेता बैठे हुए हैं, नड्डा उसी लॉज से बाहर आएंगे और वहीं पर उनका स्वागत किया जाएगा।

पूरे रास्ते राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का रोड शो हुआ। मजेदार बात यह है कि जहां एक तरफ पार्टी के तमाम नेता अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ रोड शो के काफिले में शामिल रहे, तो वसुंधरा राजे के द्वारा एयरपोर्ट पर नड्डा का स्वागत करने के बाद सीधे बिरला ऑडिटोरियम में पहुंचना भी चर्चा का विषय बन गया।

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इसके बाद बिरला ऑडिटोरियम में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई, जिसके 5 सत्र रखे गए। एक सत्र में खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बोले, दूसरे सत्र में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, तीसरे सत्र में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, चौथे सत्र में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ और पांचवे सत्र में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी बोले।

मजेदार बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को कार्यसमिति की बैठक में बोलने का अवसर ही नहीं दिया गया। वसुंधरा राजे को कार्यसमिति की बैठक में बोलने का अवसर नहीं दिए जाने को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं में कई तरह की चर्चा रही।

सबसे ज्यादा चर्चा यह रही कि क्या वसुंधरा राजे का समय अब राजनीति में बिताता जा रहा है? हालांकि, जब हाथ ऊंचे कर फ़ोटो खिंचवाए जा रहे थे, तब नड्डा ने राजे को अपने करीब बुलाया, जो कि प्रभारी अरुण सिंह के पास बैठीं थीं।

जब फ़ोटो खींचीं, तब नड्डा के बाईं ओर पूनियां थे तो राजे दाईं तरफ खड़ी हुईं। कार्यकर्ताओं की यह चर्चा भी काफी रोचक रही कि, दोपहर से लेकर शाम तक के जेपी नड्डा के इस कार्यक्रम के दौरान कई बार ऐसा देखने को मिला जैसे वसुंधरा राजे नेतृत्व से थोड़ी नाराज हैं।

जेपी नड्डा के द्वारा कहा गया कि लीडर वह होता है, जो सबको साथ लेकर चलता है। ऐसे में कार्यकर्ता यह नहीं समझ पाया कि जेपी नड्डा ने इशारों इशारों में सतीश पूनिया को नसीहत दी है या फिर वसुंधरा राजे को?

कार्यसमिति की बैठक में संबोधन के बाद जेपी नड्डा एक निजी होटल में खाना खाने चले गए और वहां से शाम को करीब 5:00 बजे मालवीय नगर स्थित कालीमाता की मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल के यहां रहने वाले लोगों से मुलाकात की। इसके बाद वहां से सीधे एयरपोर्ट पहुंचे और दिल्ली के लिए उड़ान भर गए।

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