पत्रकारों के सबसे बड़े संगठन ने उधेड़ दी गहलोत की सियासी खाल

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य बजट में हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा 4 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर ही इस तरह का बजट बनाया गया है, ताकि 4 विधानसभा सीटों के मतदाताओं के साथ ही प्रदेश भर के मतदाताओं को खुश किया जा सके, लेकिन इस बजट में पत्रकारों को भयानक निराशा हाथ लगी है।

पत्रकारों के राजस्थान के सबसे बड़े क्लब के अध्यक्ष मुकेश मीणा का कहना है कि कोविड-19 के उपजे हालात के बाद यह पहला बजट है, जिसमें की गई घोषणाएं प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। हालांकि, पूरे बजट में पत्रकार वर्ग का जिक्र तक नहीं किया गया, जो भारी निराशाजनक है।

मीणा आगे लिखते हैं, उम्मीद है कि मुख्यमंत्रीजी बजट रिप्लाई के वक्त पत्रकार आवास योजना, पत्रकार सुरक्षा कानून, मेडिक्लेम राशि 3 लाख से 5 लाख करने, डिजिटल पॉलिसी लागू करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण समस्याओं पर ध्यान केंद्रित कर पत्रकार हित में आवश्यक घोषणा करेंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का हितैषी माना जाता रहा है, लेकिन इस बार जिस तरह से लगातार मुख्यमंत्री के द्वारा पत्रकारों की अपेक्षा की गई है और इस बजट में एक भी शब्द पत्रकारों के लिए नहीं कहा गया है, उसके बाद राजस्थान के करीब 2000 से ज्यादा पत्रकारों में भारी निराशा है।

यह भी पढ़ें :  हनुमान बेनीवाल और सतीश पूनिया का एकसाथ पहला चुनाव क्या गुल खिलायेगा?