अरुण सिंह ने वसुंधरा राजे खेमे के लोगों को हड़काया!

– कालीचरण सराफ, राजपाल सिंह शेखावत और यूनुस खान को भी सीधी चेतावनी देकर गतिविधि रोकने को कहा है।

जयपुर। वसुंधरा राजे के जन्मदिन के अवसर पर 8 मार्च को भरतपुर में धार्मिक यात्रा निकाले जाने की तमाम राजनीतिक तैयारियों और इसके साथ ही 2 दिन पहले ही भाजपा के 20 विधायकों के द्वारा गुलाबचंद कटारिया और राजेंद्र सिंह राठौड़ के खिलाफ पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर करने के मामले में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व कड़ा रुख अख्तियार करता हुआ नजर आ रहा है।

मंगलवार को पार्टी कार्यालय के भीतर कोर कमेटी की दूसरी बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने एमएनआईटी में पत्र लिखने वाले 20 विधायकों में से करीब एक दर्जन से ज्यादा विधायकों को बुलाकर हड़काया।

इसके साथ ही हिदायत दी है कि आगे से इसी तरह की कोई भी गतिविधि में अगर शामिल पाए गए तो पार्टी से सीधे निलंबित कर दिए जाएंगे।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसके साथ ही अरुण सिंह ने विधायक कालीचरण सराफ, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत और वसुंधरा राजे के बेहद करीबी माने जाने वाले यूनुस खान को भी बुलाकर वसुंधरा राजे के जन्मदिन पर की जाने वाली धार्मिक यात्रा को लेकर भी सख्त कार्रवाई किए जाने एवं इस गतिविधि को रोकने के लिए कहा है।

हालांकि, विधायक प्रताप सिंह सिंघवी अस्पताल में भर्ती हैं और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कैलाश चंद मेघवाल, जो कि वसुंधरा राजे के बेहद करीबी माने जाते हैं उन्होंने अरुण सिंह की बैठक में जाने से असमर्थता जता दी।

माना जा रहा है कि जिस तरह से कोर कमेटी की बैठक के पहले और कमेटी की बैठक के बाद अरुण सिंह को पत्रकारों के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा है, उसके बाद उन्होंने पार्टी के इन तमाम नेताओं को सख्ती बरतते हुए गुटबाजी से बाज आने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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अरुण सिंह की इस सख्ती के बाद पार्टी के नेताओं के ऊपर क्या असर होगा, यह देखने वाली बात है, लेकिन फिलहाल माना जा रहा है कि तमाम नेताओं को दिशा-निर्देश देकर वसुंधरा राजे की संभावित यात्रा पर पार्टी के द्वारा पूर्णविराम लगा दिया गया है।