धार्मिक यात्रा निकालने का काम साधु-संतों का है, राजनेताओं का नहीं: अरुण सिंह

-भारतीय जनता पार्टी कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मीडिया के सवालों का दिया जवाब। जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की दूसरी बैठक मंगलवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में संपन्न हुई इस बैठक में पार्टी के अध्यक्ष सतीश पूनिया, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत 16 सदस्यों में से 12 सदस्य शामिल हुए।

कोर कमेटी की बैठक 4:00 बजे शुरू होनी थी, जिसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को छोड़कर सभी नेता कार्यालय पहुंच चुके थे, लेकिन लंबे समय बाद दिल्ली से जयपुर सड़क मार्ग से आ रहीं वसुंधरा राजे जगह-जगह स्वागत सत्कार करवाने के कारण देरी से पहुंचीं।

इसके बाद वसुंधरा राजे की गाड़ी जो हमेशा पार्टी कार्यालय के पोर्च में खड़ी होती थी, वहां पर अध्यक्ष सतीश पूनियां की गाड़ी खड़ी थी, उसके पीछे खड़ी हुई और वहीं से वसुंधरा राजे गाड़ी से उतरकर कार्यालय के अंदर कोर कमेटी की बैठक में चली गईं।

इस बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और पार्टी अध्यक्ष सतीश पूनिया के द्वारा संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया गया।

सभी सवालों के जवाब अरुण सिंह ने दिए और 2 दिन पहले ही पार्टी के 20 विधायकों के द्वारा सतीश पूनिया को गुलाबचंद कटारिया और राजेंद्र सिंह राठौड़ की शिकायत के रूप में जो पत्र लिखा गया था, उसके तकरीबन सभी सवालों को टाल गए।

अरुण सिंह ने कहा कि आगामी दिनों में होने वाले 4 विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर चर्चा हुई है, राज्य में अशोक गहलोत सरकार की विफलताओं को जनता के समक्ष रखने को लेकर चर्चा हुई है और बजट सत्र के दौरान मुद्दों को कैसे प्रमुखता से उठाया जा सकता है, इसको लेकर कोर कमेटी की बैठक में तमाम बातें हुई हैं।

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कोर कमेटी की बैठक के दौरान और भी कई मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसको लेकर अरुण सिंह ने कहा कि पार्टी के भीतर यदि किसी तरह की किसी भी व्यक्ति को शिकायत है तो सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर आकर यह पत्र लिखकर इस तरह से सार्वजनिक नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की रीति-नीति ऐसी नहीं है कि सार्वजनिक रूप से पत्र लिखें और मीडिया में बयानबाजी करें।

अगले महीने की 8 तारीख को वसुंधरा राजे के जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों के द्वारा वसुंधरा राजे की भरतपुर में धार्मिक यात्रा शुरू करने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अरुण सिंह ने कहा कि धार्मिक यात्राएं निकालने का काम साधु-संतों का होता है, राजनेताओं का नहीं होता है।

कोर कमेटी की बैठक के बाद वसुंधरा राजे ने पत्रकारों से बातचीत नहीं की और इस दौरान कार्यालय से बाहर निकलते ही उनके समर्थकों के द्वारा नारेबाजी की गई, लेकिन वसुंधरा राजे कार्यालय के भीतर अपनी गाड़ी में नहीं बैठीं, बल्कि कार्यालय के बाहर सड़क पर जाकर गाड़ी में बैठ कर चली गईं।