लेटर बम के द्वारा पूनियां, कटारिया, राठौड़ में दरार डाली जा रही है?

-दो नेताओं ने किया किनारा, पूनियां ने नहीं दी प्रतिक्रिया।

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ कथित तौर पर सतीश पूनियां के साथ चल रही अदावत के बीच भाजपा के 20 विधायकों के हस्ताक्षर किए हुए पत्र ने बवाल मचा दिया है।

इस पत्र के सामने वाले पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी ऐसी पार्टी है जो कार्यकर्ता और संगठन से चलती है, किसी विधायक के अकेले दम पर नहीं चलती पार्टी, मैं ना किसी गुटबाजी में था और ना ही रहूंगा, इस मुद्दे पर विधायक दल की बैठक में करूंगा बता जरूर करूंगा।

कटारिया ने यह भी कहा कि मेरी अभी तक कैलाशचंद मेघवाल या किसी अन्य विधायक से बात नहीं हुई है।

इधर, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का कहना है कि हम सभी वसुंधरा राजे से जुड़े हुए हैं, वो हमारी पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, कुछ विधायकों की कथित परेशानी से मैं हैरान हूं, हर मंगलवार को विधायक दल की बैठक होती है, उस बैठक में विधायक अपनी-अपनी बात रख सकते हैं।

राठौड़ ने कहा कि यह कथित पत्र लिखने वाले विधायकों में से लगभग 80 फीसदी सदन में बोले हैं। राजेंद्र राठौड़ और कटारिया के द्वारा इस पत्र को लेकर किनारा किए जाने और तमाम आरोपों को सिरे से निकाले जाने के बाद भाजपा के नेताओं का कहना है कि इन विधायकों के माध्यम से वसुंधरा राजे के गुट के कुछ विधायकों द्वारा सतीश पूनिया, गुलाबचंद कटारिया और राजेंद्र राठौड़ के रूप में मजबूती से खड़े संगठन को तोड़ने और इसमें दरार पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

यह भी पढ़ें :  फोन टैपिंग कांड के बीच वसुंधरा राजे की रहस्यमई चुप्पी!

यह भी चर्चा है कि जिस तरह सतीश पूनियां के नेतृत्व में पार्टी का निगम, निकाय, पंचायत समिति, जिला परिषद के चुनाव में आशानुकूल सफलता मिलने और आगामी 4 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी के पक्ष में सम्भावित परिणाम के कारण राजे गुट के नेता सतीश पूनियां व उनसे जुड़े पार्टी नेताओं पर उंगली उठाकर माहौल बिगड़ना चाहते हैं।