राजे की भाजपा में बगावत से पहले वसुंधरा खेमे में ही मच गया गदर, अस्पताल में भर्ती हुआ विधायक

जयपुर। मार्च के महीने में 8 तारीख को वसुंधरा जी के जन्मदिन के अवसर पर राजस्थान प्रदेश इकाई अध्यक्ष को सीधी चुनौती देने के लिए वसुंधरा के करीब विधायकों के द्वारा तैयारी की जा रही है, लेकिन इससे पहले की सुंदर राजे बगावत करती उससे पहले ही वसुंधरा के विधायकों में गदर मच गया है।

रविवार को जिस तरह से बस में राज्य स्तरीय 20 विधायकों के द्वारा कथित तौर पर भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया को पत्र लिखकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ के खिलाफ शिकायत की गई थी, उसी खेमे के विधायकों में ऐसी फूट मची की शाम होते-होते विधायक प्रताप सिंह सिंघवी सत्र में भर्ती हो गए।

इससे पहले 8 मार्च को वसुंधरा राजे के जन्मदिन को लेकर पूर्व मंत्री यूनुस खान, राजपाल सिंह शेखावत, पूर्व विधायक अशोक परनामी समेत कई नेताओं के द्वारा भरतपुर में मंथन किया गया और 8 मार्च को ही उसमें राज्य की यात्रा शुरू करने की भूमिका तैयार की गई थी।

20 विधायकों के द्वारा जो पत्र लिखा गया है उसको लेकर पूरी कर पूर्व स्पीकर कैलाश चंद्र मेघवाल ने कहा कि उनके हस्ताक्षर प्रताप सिंह सैनी के द्वारा करवाए गए थे, उसके बाद शाम होते-होते प्रताप सिंह सिंघवी दिल में दर्द होने की शिकायत को लेकर अस्पताल में भर्ती हो गए।

कुल मिलाकर देखा जाए तो यह तरफ जहां बस आ गया जो खुद एक भाजपा से बगावत करने की सोच रही होंगी, दूसरी तरफ वसुंधरा के खास विधायक भी आपस में लड़ने लगे हैं।

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