मुख्यमंत्री का चेहरा भाजपा शीर्ष नेतृत्व तय करता है, विधायक दल तय करता है, एक-दो विधायक नहीं

-भाजपा के नेता और सदन में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने पार्टी में बगावत को लेकर दिया जवाब।

जयपुर। राजस्थान भाजपा इकाई में पिछले दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाने वाले कई विधायक और पूर्व विधायकों के द्वारा वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित किए जाने की मांग कर रहे हैं।

इसके साथ ही भरतपुर में 8 मार्च को वसुंधरा राजे के जन्मदिन पर भव्य आयोजन के साथ ही शक्ति प्रदर्शन करने की खबरों के बीच बताया जा रहा है कि इस बीच पार्टी के 20 विधायकों के द्वारा अध्यक्ष सतीश पूनिया को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ की शिकायत की गई है।

इसी सारे मामले को लेकर उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने नेशनल दुनियआ के संपादक रामगोपाल जाट ने बात की राठौर से हुई। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश….

सवाल: 20 विधायकों के पत्र पर आपको क्या कहना है? क्योंकि इस पत्र में आपको और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया को टारगेट किया गया है?

राठौड़: मेरी जानकारी में नहीं है ना ही तो पत्थर मैंने पढ़ा है, ना ही देखा है और ना ही अध्यक्षजी ने हमसे पूछा है। 24 तारीख को हमारी विधायक दल की बैठक पूर्व से ही प्रस्तावित है, उसमें देखेंगे जो भी तय होगा। मेरी निजी जानकारी में कोई बात नहीं आई है, राज्यपाल के अभिभाषण पर पार्टी के 46 विधायक बोले ही हैं।

सवाल: क्या गुलाबचन्द कटारिया और आपके द्वारा विधानसभा में वसुंधरा राजे के करीबी विधायकों को प्रश्न पूछने और स्थगन लगाने से रोका जाता है?

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राठौड़: कभी रोका नहीं, बल्कि हम तो नए-पुराने साथी विधायकों को प्रोत्साहित करते हैं।

सवाल: किसी विधायक ने इसको लेकर आपसे व्यक्तिगत मुलाकात कर शिकायत की थी क्या?

राठौड़: किसी ने भी व्यक्तिगत तौर पर मुझसे ना तो शिकायत की है और ना ही मेरे संज्ञान में ऐसी कोई चीज आई है।

सवाल: भाजपा के भीतर वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित करने के लिए कई विधायकों ने और पूर्व विधायकों ने मांग की है, इस पर आपका क्या कहना है?

राठौड़: देखिए कौन भारतीय जनता पार्टी कि कब सरकार बनेगी, कब, कौन चेहरा बनेगा, अभी से इस तरह की बातें करना कोई अर्थ है नहीं मेरी राय में और वैसे भी पार्टी में मुख्यमंत्री का उम्मीदवार विधायक दल और शीर्ष नेतृत्व तय करता है।

सवाल: क्या विधानसभा चुनाव से 3 साल पहले ही किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया जाना राजनीतिक तौर पर ठीक है?

राठौड़: आज तक तो राजस्थान की राजनीति के इतिहास में ऐसा हुआ नहीं है। फिर भी समय, काल, परिस्थिति के अनुसार होता है सब कुछ। मुख्यमंत्री प्रत्याशी शीर्ष नेतृत्व के द्वारा तय किया जाता है। मुख्यमंत्री का उम्मीदवार संगठन और नेतृत्व तय करता है ना कि कुछ नेता।