प्रदेश की बेरोजगारी दर बढ़कर 28.2 प्रतिशत, गहलोत सरकार वीक और नौजवानों का पेपर लीक: डाॅ. पूनियां

-डाॅ. सतीश पूनियां ने चिकित्सा, सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, संविदाकर्मी, लम्बित भर्तियां, बजरी माफिया सहित विभिन्न मुद्दों पर गहलोत सरकार को घेरा। डाॅ. पूनियां ने 2.50 लाख संविदाकर्मियों
को नियमित करने का मुद्दा विधानसभा में उठाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से तरक्की कर रहा, देश विरोधी ताकतें षडयंत्र रच रहीं। प्रदेश में कर्जमाफी नहीं होने से सुरेश, राधेश्याम, बृजलाल, सुरजाराम, सोहनलाल सहित कई किसान कर चुके हैं आत्महत्या: डाॅ. पूनियां

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने सम्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में कोरोना कालखण्ड में केन्द्र सरकार ने जो शानदार कार्य किये हैं उससे भारत की साख दुनियाभर में बढ़ी है, जिसके बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी प्रशंसा की है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि पिछले ही सप्ताह विश्व सतत विकास सम्मेलन 2021 को सम्बोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने अपने सम्बोधन में कहा भारत पर वैश्विक समुदाय का भरोसा बड़ा है, दुनिया के देश भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देखने लगे हैं, मोहम्मद ने कहा कि भारत टी-20 में शामिल देशों में इकलौता ऐसा देश है जो राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के उद्देश्य को बेहतरीन तरीके से हासिल करेगा।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए भारत की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के माध्यम से डिजिटल वल्र्ड में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है, हर भारतीय को खुशी है कि ट्विटर की जगह कू और व्हाट्सएप की जगह ‘‘संदेश’’ नेविगेशन ऐप बड़ी ताकत के रूप में सामने आये हैं।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि आत्मनिर्भरता के मामले में और आगे बढ़ते हुए भारत की सेना के हंटर किलर टैंक को पूर्णतया स्वदेशी है और अत्याधुनिक क्षमताओं से लैस किया जा चुका है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि क्लाइमेट एक्टिवेट दिशा और ग्रेटा थनबर्ग के भारत के खिलाफ साजिश रचने के मामलों में शामिल होने की बातें सामने आई हैं, दिल्ली पुलिस ने भारत के खिलाफ इस साजिश का पर्दाफाश किया है।

इसका स्पष्ट मतलब है कि भारत एक तरफ तेजी से तरक्की कर रहा है और दूसरी तरफ से भारत को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं, जो कभी सफल नहीं होगी।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि भारत का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने दृढ़ इच्छाशक्ति से 70 ऐतिहासिक फैसले किये, जिनमें आर्टिकल 370, राम जन्मभूमि, नागरिकता संशोधन कानून, बोर्ड आॅफ समझौता, तीन तलाक, आत्मनिर्भर भारत, नई शिक्षा नीति, खुले में शौच से मुक्ति, जनधन के खाते, हर गाँव को बिजली, आर्थिक आधार पर पिछड़ों को आरक्षण, अम्बेडकर के पंचतीर्थ, जल जीवन मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सुनिधि, देश के लोगों को आयुष्मान भारत का बीमा, वन नेशन वन राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि इत्यादि प्रमुख हैं।

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डाॅ. पूनियां ने कहा कि कोरोना जैसी चुनौती से मुकाबला करते हुए मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए पीपीई किट और वेन्टीलेटर का निर्माण आत्मनिर्भर भारत आर्थिक पैकेज के माध्यम से भारत ने मजबूती से जंग लड़ी और वैज्ञानिकों की ताकत के बूते पर भारत दुनिया का तीसरा ऐसा बड़ा देश बन गया जिसने स्वदेशी वैक्सीन बनाई थी और उस स्वदेशी वैक्सीन को 3 करोड़ लोगों को पहले चरण में लगाने का काम भी शुरू हुआ।

इस बार के केन्द्र सरकार के बजट में भी स्वास्थ्य, जल जीवन मिशन, उद्योग, सड़कें, शिक्षा सहित विभिन्न सेक्टरों की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसका आगामी दिनों में सकारात्मक परिणाम दिखेंगे।


डाॅ. पूनियां ने राजस्थान के विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सम्बोधन में कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी में आया कि फर्जी आरटीओ ने 6 हजार से भी ज्यादा लाइसेंस बना दिये, प्रदेश के तस्करों के हौसले बुलंद हैं और थाना प्रभारी पर कार चढ़ाने का प्रयास हुआ, सोनोग्राफी की मशीन के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में लम्बी कतारें लगती हैं और अन्य चिकित्सा सुविधाओं के भी यही हाल हैं एवं इसके अलावा कोटा के जे.के. लोन अस्पताल में 100 से अधिक बच्चों की मौत होना भी चिकित्सा व्यवस्थाओं की पोल खोलता है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि राजस्थान में नशे से सालभर में लगभग 338 मौतें हुई, श्रीगंगानगर से बाड़मेर तक नशे का एक जाल फैला हुआ है, जिस पर शिकंजा कसने में सरकार फेल है। राजस्थान के लाखों परीक्षार्थी अपनी भर्ती के इंतजार में है, किसान कर्जामाफी, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, संविदाकर्मी ऐसे तमाम मुद्दे हैं जिनका वादा कर सरकार ने पूरा नहीं किया।

इन्हीं मुद्दों से जुड़े हुए 78 सत्यापित बिन्दु हैं, जिनके बारे में सरकार ने घोषणा की, लेकिन क्रियान्विति जीरो है।
डाॅ. पूनियां ने कहा कि 70 साल की राजनीति में लगभग 50 साल कांग्रेस को राज करने का मौका मिला, लेकिन किसानों के हित में इन्होंने कोई हितकारी फैसला नहीं लिया।

1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पहली बार किसानों के कल्याण में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की सौगात दी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू कर वाजपेयी ने हिन्दुस्तान के किसानों को एक नई ताकत दी और गाँव के किसान को शहर से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू की गई।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 1 लाख 64 हजार किलोमीटर सड़कें प्रदेश में बनाई गई। डाॅ. पूनियां ने कहा कि देश के अन्नदाता किसानों के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार ये तीनों कल्याणकारी कृषि कानून इसलिए लेकर आई बीज से लेकर बाजार तक किसान को आजादी मिले और सम्मान मिले।

राजस्थान के किसान को अच्छे दाम में चना बेचने के लिए हरियाणा और मूंगफली बेचने के लिए गुजरात जाना पड़ता था, इसीलिए देश के किसानों को आर्थिक उन्नति के साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी कृषि कानून जैसे क्रांतिकारी फैसले लिये। मोदी देश के किसानों को आश्वस्त भी कर चुके हैं कि ये कृषि कानून अनिवार्य नहीं हैं वैकल्पिक हैं जो किसान को बड़ी सहूलियत देते हैं।

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डाॅ. पूनियां ने कहा कि 2019 के कांग्रेस के घोषणा पत्र में एपीएमसी एक्ट और काँटेªक्ट फार्मिंग जैसे बिन्दुओं का जिक्र किया गया था, लेकिन ये लोग अपनी ही बात से पलट रहे हैं और किसानों को गुमराह कर रहे हैं। केन्द्र के कृषि कानून किसानों को बड़ा सम्बल देते हैं, जिससे कोई भी ‘‘माई का लाल’’ किसान की जमीन को छीन नहीं सकता, लेकिन कांग्रेस शासित पंजाब जैसे प्रदेश में काँटेªक्ट फार्मिंग के अन्तर्गत एकदम इसके विपरीत है, जिसमें काँटेªक्ट टूटता है तो किसान को 5 लाख तक का जुर्माना और जेल का प्रावधान है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस के घोषणा पत्र एवं राहुल गाँधी ने अलवर, जालौर एवं पीलीबंगा की जनसभाओं में सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी का वादा किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन के अन्दर किसानों का पूरा कर्जा माफ करेंगे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी 09 फरवरी, 2021 को बयान जारी कर कह चुके हैं कि राज्य सरकार ने अपने अधीन सभी सहकारी एवं भूमि विकास बैंकों से 20 लाख 56 हजार किसानों के 30 नवम्बर, 2018 तक किसानों के सम्पूर्ण बकाया फसली ऋणों को माफ किया, जबकि हकीकत ये है कि प्रदेश के लगभग 59 लाख किसानों का 99 हजार करोड़ कर्जामाफ होना शेष है, आज भी किसान इंतजार में हैं।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि कर्ज नहीं चुका पाने से प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं, जिनमें चित्तौड़गढ़ जिले के कानोड़ तहसील के चमलावादी के किसान सुरेश ने 11 जनवरी, 2021, हनुमानगढ़ के न्योलखी रावतसर के किसान राधेश्याम ने 11 फरवरी, 2019, पीलीबंगा के बृजलाल ने 07 फरवरी, 2019, किकरालिया ग्राम पंचायत के रामपुरा मटोरिया के सुरजाराम ने 21 मई, 2019 ने कर्जमाफी नहीं होने से आत्महत्या की और रायसिंहनगर के ठाकरी गाँव के सोहनलाल कडेला ने कर्ज से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या की और सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से आत्महत्या के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तत्कालीन कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी को आत्महत्या का दोषी बताया और साक्ष्य के तौर पर उन्होंने अपने मोबाइल से वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह ये सभी बातें कह रहे हैं।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि ना राज्य सरकार ने किसान आयोग का अभी तक पुनर्गठन किया है और किसानों को 833/- रूपये प्रतिमाह मिलने वाली सब्सिड़ी भी बंद कर दी है। राजस्थान के 64 लाख 40 हजार किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जाती है और मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार अपनी तरफ से किसान कल्याण कोष के माध्यम से आर्थिक सम्बल देने का कार्य कर रही है। इस बारे में राजस्थान की सरकार को भी विचार करना चाहिए।

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डाॅ. पूनियां ने कहा कि 13 जनवरी, 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चालू की गई, जिससे राजस्थान के किसानों को रबी और खरीफ की फसल के लिए 65 हजार करोड़ रूपये जारी किये गये। राजस्थान में कांग्रेस सरकार के कुशासन से किसानों के बाद ये दूसरा पीड़ित तबका बेरोजगार युवा हैं, कांग्रेस सरकार ने घोषणा पत्र और अभिभाषण के माध्यम से कहा कि राज्य सरकार ने 31 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्ति दी है, 28 हजार से अधिक पदों के परिणाम जारी हो चुके हैं, करीब 60,114 पदों पर नियुक्ति, जबकि ये भर्ती पिछली भाजपा सरकार द्वारा निकाले हुए पदों पर हुई है एवं 2021 के अभिभाषण में बिन्दु संख्या 93 में कहा गया कि विगत दो वर्षों में 81 हजार 893 युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।’’

इस प्रकार सरकार के द्वारा इन दो वर्षों में 21779 पदों पर ही नियुक्ति दी गई है, जिसमें से भी अधिकांश पद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय निकाली गई भर्ती के ही हैं।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि सेन्टर फाॅर माॅनिटरिंग इण्डियन इकोनाॅमी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की बेरोजगारी दर बढ़कर 28.2 प्रतिशत हो गई है, प्रदेश के छात्र गहलोत सरकार के कुशासन में ये दृश्य देख रहे हैं कि परीक्षा की तैयारी करते हैं और पेपर लीक हो जाते हैं, पेपर तब ही लीक होता है, जब सरकार वीक होती है.. नौजवानों के पेपर लीक और गहलोत सरकार वीक, ऐसे हालात प्रदेश में बने हुए हैं।

कनिष्ठ अभियंता, पुलिस दूरसंचार, फार्मासिस्ट, मेडिकल आॅफिसर, लाइब्रेरियन इत्यादि परीक्षाएं पेपर लीक और प्रशासनिक कारणों का बहाना बनाकर रद्द किये गये और व्हाॅट्सएप के जरिए पेपर लीक होने के मामले सामने आये। प्रदेश में महिला अत्याचारों को रोकने में मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री गहलोत विफल हैं और इनके शासन में बजरी माफियाओं के हौसले भी बुलंद हैं और आमजन भयभीत है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के अन्तर्गत लगभग 2.50 लाख बेरोजगार युवाओं को लाभान्वित किया गया है, लेकिन जिनकी संख्या रोजगार कार्यालय में 12 लाख 50 हजार के लगभग है, जिनमें से लगभग 2 लाख 50 हजार बेरोजगारों को ही भŸाा दिया गया है, बाकी को क्यों नहीं दिया जा रहा है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लगभग 2.50 लाख संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, दो साल से अधिक हो गये, परन्तु संविदाकर्मी नियमित करने के लिए तीन मंत्री समूह की कमेटी का गठन किया गया, परन्तु अभी तक नियमित नहीं किया गया।

इसके अलावा अर्जेन्ट टैम्पररी डाॅक्टर्स, नर्सिंगकर्मी जिनसे राज्य सरकार ने कोरोना कालखण्ड में सेवा कार्यों के लिए मदद ली उनको बाहर का रास्ता दिखाकर अन्याय किया है, जिनका समाधान सरकार को करना चाहिए।