राहुल गांधी की किसान सभा में किसानों की काली जैकेट, महिलाओं के दुपट्टे उतरवाए गए

-राहुल गांधी की हनुमानगढ़ जिले में पीलीबंगा सभा में भीड़ नदारद, पंडाल पड़ा है खाली। किसानों की काली जैकेट, महिलाओं के काले दुप्पट्टे उतरवाए, किसानों व लोगों मे आक्रोश।

हनुमानगढ़/जयपुर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में किसान महापंचायत के दौरान जोरदार नजारे देखने को मिला है। कांग्रेस पार्टी और प्रशासन के द्वारा किसानों की काली जैकेट, काले कमीज, महिलाओं के काले दुपट्टे और काली ओढ़नी तक उतार ली गई है।

राहुल गांधी अभी तक भी सभा स्थल पर नहीं पहुंचे हैं और उनके पहुंचने में अभी थोड़ी देर लग सकती है। खबर लिखे जाने तक पांडाल पूरी तरह से खाली पड़ा है और राहुल को सुनने वाले लोगों का कांग्रेस और प्रशासन को इंतजार है।

इससे पहले राज्य के प्रशासनिक लवाजमा के द्वारा राहुल गांधी की इस सभा को सफलतम बनाने के लिए तमाम तरह के प्रयास किए गए पूरी सरकारी मशीनरी झोंक दी गई है। कांग्रेस पार्टी के तमाम नेता व राज्य सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री राहुल गांधी की अगवानी करने के लिए लालायित हो रहे हैं।

शनिवार को ट्रैक्टर परेड होगी

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी का आज से राजस्थान में दो दिवसीय दौरा शुरू हो गया है। हनुमानगढ़ के बाद आज ही राहुल गांधी श्रीगंगानगर में भी किसान सभा का आयोजन करेंगे। उसके बाद शनिवार को अजमेर के रूपनगढ़ मैं भी ट्रैक्टर परेड का आयोजन करेंगे।

अजमेर के रूपनगढ़ में ट्रैक्टर परेड के बाद राहुल गांधी का लवाजमा नागौर के सुरसुरा में जाएगा, जहां पर वीर तेजाजी का बलिदान स्थल है, वहां पर तेजाजी के दर्शन करने के बाद राहुल गांधी एक और किसान सभा को संबोधित करेंगे।

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किसान वर्ग है कांग्रेस का टारगेट

दरअसल, राहुल गांधी के इस दौरे पर किसान वर्ग को लक्ष्य बनाया गया है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ पंजाब से जोड़ते हुए जिले हैं, जहां पर सिख कौम बड़े पैमाने पर है। यही कारण है कि इन दोनों जिलों को चुना गया है और किसान आंदोलन का फायदा लेने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ ही अजमेर और नागौर जिले का चयन किसान समाज को टारगेट करते हुए किया गया है। नागौर में वीर तेजाजी का स्थान है, जहां पर किसान वर्ग की ज्यादातर जातियां दर्शन करने के लिए जाती हैं, उनके मान्यता है।

किसान आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश

जून के महीने में केंद्र सरकार के द्वारा जो तीन कृषि कानून बनाए गए थे, उनको लेकर इन दिनों सिंधु, शाहजहांपुर, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का धरना चल रहा है। इसी माहौल का फायदा उठाने के लिए कांग्रेस के द्वारा भी किसान महापंचायतें की जा रही हैं।

हनुमानगढ़ में ही संपूर्ण कर्जमाफी का वादा किया था

आपको बता दें कि अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के द्वारा अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मौजूदगी में हनुमानगढ़ में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सरकार गठन के 10 दिन के भीतर राजस्थान के किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने का वादा किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

किसानों के विरोध का है कांग्रेस को डर

राज्य की कांग्रेस वाली अशोक गहलोत सरकार के द्वारा किसानों का संपूर्ण कर्जा वादा करने के बाद भी माफ नहीं किया गया, जिसके चलते राहुल गांधी की सभा में किसानों के विरोध प्रदर्शन का डर है यही कारण है कि प्रशासन के द्वारा किसानों की काली जैकेट, महिलाओं के काले दुपट्टे और काली ओढ़नी को भी उतरवा दिया गया है।

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