निकाय चुनाव: 90 में से 48 कांग्रेस, 37 भाजपा, रालोपा को एक अध्यक्ष हुआ नसीब

जयपुर। राजस्थान के 90 नगर निकाय चुनाव के परिणाम के बाद रविवार को सभी जगह चेयरमैन चुनने का काम पूरा कर लिया गया है। इन सभी 90 में से कांग्रेस पार्टी के 48 जगह पर अध्यक्ष बने हैं, जबकि भाजपा के 37 निकाय में अध्यक्ष बन पाए हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का भी एक जगह चेयरमैन बना।

चुने गए पार्षदों के परिणाम के बाद कांग्रेस पार्टी के केवल 19 जगह पर चेयरमैन बनते हुए नजर आ रहे थे। इसके साथ ही भाजपा के 25 जने पर और अन्य सभी जगह पर निर्दलीय मुख्य भूमिका में थे।

पार्षदों के चुनाव परिणाम के बाद ही कांग्रेस के अध्यक्ष कौन सिंह डोटासरा ने दावा किया था कि राजस्थान में 50 से ज्यादा जगह पर कांग्रेस पार्टी के चेयरमैन बनेंगे। इसके बाद प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा था कि 19 जगह पर चेयरमैन बन रहे हैं, ऐसी कौन सी जादू की छड़ी है जिससे 50 जगह पर अध्यक्ष बना लेंगे।

इस चुनाव परिणाम में कई तरह के इतिहास लेकर गए हैं। एक तरफ जहां विपक्ष में होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी है तो दूसरी तरफ कई शहर ऐसे हैं, जहां पर दशकों बाद कांग्रेस के चेयरमैन बन पाए हैं।

इससे पहले पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भाजपा के सामने मात खानी पड़ी थी। इतिहास में पहली बार विपक्ष में किसी दल के द्वारा पंचायत समिति व जिला परिषद के चुनाव में बहुमत हासिल किया गया था। वैसे भी पार्षदों के लिहाज से देखा जाए तो आज की तारीख में भाजपा कांग्रेस से ज्यादा सीटों पर जीती है।

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मार्च के महीने या फिर अप्रैल की शुरुआत में राजस्थान के 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना है। चूरू की सुजानगढ़, भीलवाड़ा की सहाड़ा, राजसमंद की राजसमंद और उदयपुर की वल्लभनगर सीट पर उप चुनाव होगा, जिसके लिए यह निकाय चुनाव सेमीफाइनल माना जा रहा था।