वसुंधरा राजे 8 मार्च को जन्मदिन मनाने के बाद 11 से शुरू करेंगी “सियासी देवदर्शन” यात्रा

-8 मार्च को जन्मदिन के बाद 11 मार्च से वसुंधरा की यात्र शुरू होने की उम्मीद, सैंत से गोवर्धन जाएंगी। राजे के खास और संगठन के लोग भी बना रहे रणनीति।

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 8 मार्च को अपने जन्मदिन के बाद 11 मार्च से पूर्वी राजस्थान से अपनी सियासी यात्रा शुरू करने जा रही हैं। इस यात्रा की सूचना मिलने के साथ ही भाजपा में राजनीति गर्मा गई है।

सूत्रों का कहना है कि वसुंधरा राजे भरतपुर में ही इस बार अपना जन्मदिन मनाएंगी, उसके बाद उसी क्षेत्र से राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी, जिसको लेकर उनके करीबी नेता और संगठन में बैठे जिम्मेदार भी रणनीति बना रहे हैं।

सूत्र तो यह भी दावा करते हैं कि इस यात्रा को लेकर राजे के खास सिपहसालार यूनुस खान 3 फरवरी को भरतपुर दौरे पर रहे, जहां उन्होंने सैंत गांव में गुलाब सिंह के घर पर गुप्त बैठक की। यूनुस खान का कहना है कि उनके कार्यकाल में बनी कृष्णा सर्किट को देखने के लिए वह भरतपुर गए थे, वसुंधरा राजे के जन्मदिन मनाने से उनकी यात्रा का कोई संबंध नहीं है।

सबसे चौंकाने वाली और मजेदार बात यह है कि पूर्व मंत्री यूनुस खान के दौरे से पहले ही भाजपा के ही प्रदेश महामंत्री भजनलाल भी भरतपुर दौरे पर पहुंच चुके थे। जबकि यूनुस खान की मीटिंग में भजनलाल शर्मा मौजूद नहीं थे।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि भजनलाल शर्मा ने तो पर्दे के पीछे से इस गुप्त बैठक की पूरी योजना बनाई है। बता दें, भजनलाल शर्मा को वसुंधरा खेमे से ही माना जाता था, किन्तु भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां द्वारा अपनी टीम में लेने के कारण उनको संगठन का सिपहसालार बताया जाने लगा था, लेकिन इस ताज़ा गतिविधि की रिपोर्ट भाजपा नेतृत्व को मिलने के बाद अब शर्मा की गतिविधियां भी शंका के दायरे में आ गई हैं।

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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे के 8 मार्च को आने वाले जन्मदिन को राजे खेमे के नेताओं द्वारा कामा तहसील के साद बद्री गांव में मनाने की रणनीति को अंजाम दिया गया।

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गुप्त बैठक के बाद फोटो सेशन

इस बेहद गोपनीय बैठक में पूर्व सांसद बहादुर सिंह कोली, रामस्वरूप कोली, पूर्व विधायक विजय बंसल, अनीता गुर्जर, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ जितेंद्र फौजदार सहित कई नेता मौजूद रहे।

तय किया गया है कि जन्मदिन के बाद 11 मार्च से वसुंधरा राजे की करीब 1000 गाड़ियों के काफिले के साथ भरतपुर से प्रदेश की यात्रा निकल रही है।

सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद भी राजे को यह आश्वासन नहीं मिला है कि उनको संगठन की कमान सौंपने या प्रमुखता देने का काम किया जाएगा।

इसके साथ ही उनके बेटे को मंत्री बनाने का आश्वासन भी नहीं मिला है। इस गुप्त बैठक से पहले राजे खेमे ही खास बताए जाने वाले प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जवाहरलाल बेढम, शिवानी दायमा, यूनुस खान से गुप्त मुलाकात की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों से मिली जानकारी में आया है कि इस बैठक के जरिये जिले के स्थानीय नेताओं पर 8 मार्च को वसुंधरा राजे के जन्मदिन पर भीड़ जुटाने का दबाव बनाया गया है।

साथ ही भाजपा संगठन से जुड़े के नेताओं को टीम वसुंधरा राजे से जोड़ने का प्रयास भी शुरू किया जा रहा है, जिनको प्रदेश नेतृत्व ने प्रदेश कार्यकारिणी, जिलों की कार्यकारिणी और मोर्चों में शामिल नहीं किया है।

हालांकि, सूत्रों का यह भी दावा है कि इस पूरी गुप्त रणनीति की जानकारी प्रदेश भाजपा नेतृत्व को लगातार मिल रही है, और वसुंधरा राजे के गुट द्वारा की जा रही तमाम गतिविधियों पर प्रदेश नेतृत्व अपनी नजर बनाये हुए है।

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